मानवाधिकार संगठन ने बच्चों के लिए आयोजित की निबंध प्रतियोगिता

देहरादून:  मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा दीपलोक स्थित टर्निंग प्वाइंट पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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स्कूल की प्रधानाध्यापिका सारिका चैधरी द्वारा ऑनलाइन प्रतियोगिता कराई गई, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उनके जीवन पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर संगठन के चेयरमैन सचिन जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

स्वामी विवेकानंद ने पश्चिमी जगत को भारत के वेदांत दर्शन से परिचित कराया।विश्व धर्म संपर्क संसद में उनके ओजस्वी भाषण ने विश्व को भारत और उसकी सांस्कृतिक समृद्धि की ओर आकर्षित किया। उनके शब्दों में अद्भुत ओज था इसलिए प्रतिवर्ष उनकी जन्म जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है।

स्वामी विवेकानंद को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके गुणों का अनुकरण करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलें। अपने बच्चों को भी उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें।

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इस अवसर पर मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन की प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक आकर्षक व्यक्तित्व, ओजस्वी वक्ता, अत्यंत प्रतिभाशाली गुणों से युक्त नवजागरण के अग्रदूत थे।  भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में इनका अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

भारत के प्रत्येक विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी को विवेकानंद की जीवनी अवश्य पढ़ाई जानी चाहिए ताकि बच्चे उनसे प्रेरणा ले और उनके नक्शे कदम पर चलने के का प्रयास कर सकें, जिससे बच्चों का आध्यात्मिक, चारित्रिक, धार्मिक, शारीरिक, मानसिक विकास हो सके एवं उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना भी जागृत हो।

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निबंध प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों में मयंक शर्मा, बुशरा इलाहीन, आरूषि, सृष्टि व आर्यन मौर्य शामिल हैं। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में खुशबू, पूजा बिष्ट, ओम कपूर, अमित भगत, अभय कुमार, पवन सिंह चैहान, सूरज कुमार शामिल हैं।