इंस्टिट्यूट इनोवेशन सेल, ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप प्रोग्राम में महत्त्वपूर्ण शीर्षकों पर हुआ व्याख्यान

देहरादून :

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1 जून से 26 जुलाई तक चल रहे 8 साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन ऑनलाइन इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत इंस्टिट्यूट इनोवेशन सेल, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड की आेर से विभिन्न विषयों पर 24 जुलाई को निम्न व्याख्यान का आयोजन किया गया।

व्याख्यान में डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स के रिसर्च स्कॉलर मिस्टर संजीव कुमार और मिस्टर करण सिंह ने बेसिक इंट्रोडक्शन एंड प्रैक्टिस आफ माइक्रोसॉफ्ट एक्सल एंड ओरिजिन सॉफ्टवेयर से जुड़ी महत्वपूर्ण ज्ञान दिया जो कि एक रिसर्च स्कॉलर को उसके शोध में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देती है। कार्यक्रम का स्वागत मुद्रिका वर्मा द्वारा किया गया।

मिस्टर करण ने बताया कि किस प्रकार माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल का प्रयोग किसी भी डाटा को उपयोग कैसे किया जा सकता है और कितनी आसानी से उपयोग कर अपने शोध कार्य को सरल बनाया जा सकता है।

इसी क्रम में संजीव कुमार ने बताया कि किस प्रकार सहसंबंध गुणांक का प्रयोग कर सहसंबंध माप में कैसे प्राप्त कर सकते हैं। किस प्रकार से सहसंबंध बॉक्स का प्रयोग कर उसमें बदलाव कर सकते हैं । मिस्टर संजीव ने बॉक्स और विश्कर प्लोत के बारे मे भी जानकारी दी जिसका उपयोग शोध कार्य मे किया जा सकता है। यह जानकारी शोध में जानकारी शोध में बहुत ही महत्वपूर्ण बनी रही।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से IIC के अध्यक्ष एवं निदेशक प्रो. अतुल ध्यानी, उपाध्यक्ष डॉ.आलोक सागर गौतम, डॉ. सुधीर कुमार चतुर्वेदी, प्रो.वीणा जोशी, डॉ. दीवान सिंह राणा, प्रो.आर एस नेगी,डॉ मनीषा निगम एवं अन्य पर्यवेक्षक जुड़े रहे।

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इसी क्रम में IIC HNBGU के मुख्य अतिथि डॉ. स्नेहा गौतम, डिपार्टमेंट आफ सिविल इंजीनियरिंग करुण्य इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, कोयंबटूर, तमिलनाडु से जुड़े रहें। डॉ गौतम ने वैज्ञानिक लेखन पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालते हुए आपके शोध के स्थायी रिकॉर्ड के रूप में आपका प्रकाशित पेपर और आपके समुदाय को आपका पासपोर्ट अपने मन में रखने की बात कही।

डॉ गौतम ने बताया कि अपने आर्टिकल में किस प्रकार जर्नल एससीआई इंग्लिश राइटिंग स्किल का प्रयोग कर आर्टिकल को तैयार कर सकते हैं और आर्टिकल को कैसे पब्लिश करना है और कहां पब्लिश करना है और अपने आर्टिकल की शुद्धता कितनी है यह भी बतलाया।

व्याख्यान श्रृंखला के चौथे मुख्य उत्साहवर्धक वक्ता प्रोफेसर वीना जोशी, डिपार्टमेंट ऑफ केमिस्ट्री हेमवंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी ने रिसर्च मेथाडोलॉजी सर्च टूल्स एंड डाटा कलेक्शन पर मुख्य चर्चा की। प्रोफेसर वीना जोशी ने बताया कि किस प्रकार आप अपने शोध कार्य में किस प्रकार के यंत्र का प्रयोग करके डाटा कलेक्ट कर सकते हैं और उस डाटा का किस प्रकार उपयोग कर सकते हैं। प्रोफेसर वीना जोशी ने बताया कि शोध से जुड़े डाटा को एकत्रित करने के लिए किस उपाय का प्रयोग करें प्रॉब्लम को कैसे फ्रेम करें और उसकी समीक्षा करें उसका उद्देश्य प्राप्त करें और किस प्रकार कार्य करें कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सके।

मेथाडोलॉजी विधि के द्वारा एकत्रित डाटा के पहचान करते हैं और विश्लेषण करते हैं और उसमें प्रयोग किए गए सूचनाओं का भी विश्लेषण करते हैं। प्रोफेसर विनय जोशी मैम ने यह भी बताया कि शोध कार्य में कैसे वैज्ञानिक पद का प्रयोग कर अपने परिणाम तक पहुंच सकते हैं।

इसी क्रम में मिस्टर विशाल कुमार देव ने कंपैरेटिव स्टडी ऑन डिफरेंट वैक्सीन डेवलप्ड फॉर नोबेल कोरोनावायरस प्रमुख चर्चा की।मिस्टर विशाल ने बताया कि कोरोनावायरस क्या है और वह मनुष्य पर कैसे आक्रमण करता हैऔर कोरोनावायरस के लिए चलाए गए वैक्सीन किस प्रकार मनुष्य पर कार्य करता है। कोरोनावायरस के अंतर्गत होने वाले शोधकार्य से अवगत कराया एवं अन्य प्रकार की भी जानकारियां प्रदान की।

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कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर अतुल ध्यानी ने किया। प्रोफेसर ध्यानी ने आज के श्रृंखला व्याख्यान पर महत्वपूर्ण तथ्य प्रदान किए जो प्रतिभागियों के लिए उत्साहवर्धक थे।