डीआरडीओ ने आकाश-एनजी का सफल परीक्षण किया

  • तीन दिन में दूसरा सफल उड़ान परीक्षण
  • उच्च स्तरीय गति से आने वाले एवं फुर्तीले हवाई खतरों को रोकने में सक्षम
  • भारतीय वायु सेना की रक्षा क्षमताओं में अभूतपूर्व इज़ाफ़ा करेगा
  • रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ को बधाई दी

नई दिल्ली : रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के तट पर एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से नई पीढ़ी की आकाश (आकाश-एनजी) मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। आकाश-एनजी यानी आकाश न्यू जेनरेशन मिसाइल। आकाश-एनजी, वायु रक्षा प्रणाली की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।  इसे भारतीय वायुसेना के लिए बनाया गया है।

Uttarakhand

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0011XD4.jpg

आईटीआर, चांदीपुर द्वारा तैनात अनेक राडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम द्वारा हासिल किए गए डेटा के माध्यम से इस हथियार प्रणाली के प्रदर्शन को मान्य किया गया। भारतीय वायु सेना के अधिकारियों की एक टीम ने यह परीक्षण देखा।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002DM73.jpg

Uttarakhand Uttarakhand

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीन दिनों के अंतराल में आकाश-एनजी के दूसरे सफल उड़ान परीक्षण पर डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना और उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली का विकास भारतीय वायु सेना की वायु रक्षा क्षमताओं में अभूतपूर्व वृद्धि करने वाला साबित होगा।

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने आकाश एनजी के सफल परीक्षण के लिए टीमों को बधाई दी। कहा कि यह उच्च स्तरीय गति से आने वाले एवं फुर्तीले हवाई खतरों को रोकने में सक्षम है।