जोशीमठ भू-धंसाव: सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर कहा- ‘हर मसला कोर्ट में क्यों, इसे देखने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाएं हैं’

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तराखंड के जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव से जुड़े मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जरूरी नहीं है कि देश के हर महत्वपूर्ण मामले हमारे सामने आए। याचिकाकर्ता ने जोशीमठ में संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की मांग की थी। 

CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “हर मसले को कोर्ट में लाने की जरूरत नहीं है। इसे देखने के लिए लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित संस्थाएं हैं। वे अपने नियंत्रण में आने वाली चीजों से निपट सकते हैं। हम इसे 16 तारीख को देखेंगे।”

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याचिकाकर्ता ने जोशीमठ संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की थी

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बता दें कि याचिकाकर्ता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शीर्ष अदालत में अपील करते हुए कहा था कि मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है और इस संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। जिस पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने मंगलवार यानी आज की तारीख दी थी लेकिन अब अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।