आज का पंचांग: नमामि गंगे

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज का विचार

झाडू जब तक एक सूत्र में बँधी होती है, तब तक वह कचरा साफ करती है। लेकिन वही झाडू जब बिखर जाती है, तो खुद कचरा हो जाती है। इसलिये हमेशा परिवार से बंधे रहे, बिखरकर कचरा न बने

नमामि गंगे

गंगा पूजन मानव जीवन को तीन महत्वपूर्ण सूत्र प्रदान करता है-प्रयास, परीक्षा, तितिक्षा और उसके पश्चात सफलता। प्रयास जीवन में लक्ष्य प्राप्ति की प्रथम शर्त है। जितना बड़ा लक्ष्य होगा प्रयास भी उसी अनुपात में होना चाहिए। इसलिए बड़े लक्ष्य को पाना हो तो आपका प्रयास भी बड़ा ही होना चाहिए।

लक्ष्य की दिशा में बढ़ते हुए परीक्षा दूसरा सोपान है। सफलता का कोई बाईपास नहीं होता, वो तो संघर्ष पथ पर सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़कर ही प्राप्त करनी होती है। लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली विघ्न-बाधाएं ही आपकी परीक्षा है। तितिक्षा ही जीवन की परीक्षा में डटे रहने की सामर्थ्य प्रदान करती है। प्रयास और परीक्षा के बाद जीवन में धैर्य का होना भी अनिवार्य है।

धैर्य ही वो ऊर्जा है जो अनेक कठिनाइयों के बावजूद भी किसी व्यक्ति को उसके लक्ष्य की ओर निरंतर गतिमान रखती है। श्रेष्ठ के लिए सदा प्रयत्नशील रहें, कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने के लिए सदा ऊर्जावान रहें और प्रत्येक विषम से विषम परिस्थितियों में भी धैर्यवान बने रहें। निश्चित ही माँ गंगा भी धरती पर उतरेंगी, आप राजा भगीरथ की तरह श्रेष्ठ संकल्प के साथ जीना तो सीखिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *