हरेला लोक संस्कृति का है पर्व : सोना सजवाण

  • संकल्प के साथ पौधरोपण करेगा जिला पंचायत

हिमशिखर खबर ब्यूरो

Uttarakhand

नई टिहरी। हरेला उत्सव की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की की बैठक ली। उन्होंने कहा कि हरेला हमारी लोक संस्कृति का पर्व है। श्रावण मास में यह पर्व मनाने की परंपरा हमें अपनी जड़ों से जुड़े का संदेश देता है। हमारे पूर्वजों ने कैसे जंगलों का संरक्षण कर मनुष्य जीवन को हरा भरा बनाने का कार्य किया। हरेला पर्व हमें प्रकृति का श्रृंगार करने की सीख देता है।

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उन्होंने बताया कि जिला पंचायत ने जिले के सभी क्षेत्रों में 10 हजार विभिन्न प्रजातियों के पौधरोपण करने का संकल्प लिया है। प्रत्येक जिला पंचायत क्षेत्र में 200 चारापत्ती और फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पौधरोपण के लिए प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य से सूची पहले ले ले। पौधरोपण के लिए स्थान का चयन पहले से किया जाना चाहिए। कहा सिर्फ पेड़ पौधे लगाना है हमारे जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। बल्कि बच्चों की तरह लगाए गए पेड़ों की देखभाल करना हमारा कर्तव्य भी है। कहां पहाड़ की महिलाओं का जंगलों से हमेशा गहरा नाता रहा है। लिहाजा हरेला पर्व पर पौधरोपण करने के दौरान महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी होनी चाहिए। जिस क्षेत्र और ग्राम पंचायत में पौध रोपण होना है वहां के ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों को 2 दिन पहले सूचना देना सुनिश्चित करें। कहां जिस क्षेत्र में जिस प्रजाति के पौधों की अधिक पैदावार होती है वही पौधे जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराए जाए। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी संजय खंडूरी, अभियंता सतीश त्रिपाठी और अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।