आज का पंचांग: कमजोर गुरु बन गया है तरक्की की राह का रोड़ा? कर लें ज्योतिष के आसान उपाय

पंडित उदय शंकर भट्ट

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आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है। आज के दिन विधि-विधान पूर्वक गणेश भगवान की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत रखने वालों के जीवन से विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं और सभी बिगड़े काम बनने लग जाते हैं। साथ ही विद्यार्थी अगर इस दिन गणेश जी की पूजा करते हैं, तो उन्हें शिक्षा जीवन में उन्नति मिलती है।

आज मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि गुरुवार का दिन है। चतुर्थी तिथि आज दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। आज दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा। साथ ही आज शाम 5 बजकर 27 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इसके आलावा आज वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत है।

जिस व्यक्ति की कुंडली में देव गुरु बृहस्पति नीच अवस्था में होते हैं या फिर पाप ग्रह के कारण उनका दुष्प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ने लगता है तो सफलता मिलने में परेशानी आती है। गुरु के कमजोर होने से व्यक्ति की शिक्षा प्रभावित होती है, उसके ज्ञान, धन, तरक्की में बाधा आने लगती है।

बृहस्पतिवार के दिन आप किसी गरीब ब्राह्मण को हल्दी, पीले वस्त्र, पीतल के बर्तन, केला, केसर, बेसन, चने की दाल आदि का दान करें. इससे भी आपको लाभ होगा।

यदि आपका गुरु कमजोर है तो अपनी तर्जनी अंगुली में सोने की एक अंगूठी पहनें। इससे लाभ होगा ।

बृहस्पति को शांत करने के लिए बृहस्पति वार का व्रत करना, पीले रंग और पीले रंग के भोजन से परहेज करना चाहिए बल्कि उसका दान करना चाहिए। केले के वृक्ष की पूजा करें और विष्णु भगवान् को केले का भोग लगाएं और छोटे बच्चों, मंदिरों में केले का दान और गाय को केला खिलाना चाहिए।

अगर दाम्पत्य जीवन कष्टमय हो तो हर बृहस्पति वार को एक चपाती पर आटे की लोई में थोड़ी सी हल्दी, देसी घी और चने की दाल (सभी एक चुटकी मात्र ही) रख कर गाय को खिलाएं।

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सबसे बड़ी बात यह है कि झूठ से जितना परहेज किया जाय, बुजुर्गों और अपने गुरु, शिक्षकों के प्रति जितना सम्मान किया जायेगा उतना ही बृहस्पति अनुकूल होता जायेगा।

21 गुरुवार तक बिना क्रम तोड़े हर गुरुवार का व्रत रख कर भगवान् विष्णु के मंदिर में पूजा के उपरांत पंडित जी से लाल या पीले चन्दन का तिलक लगवाए तथा यथा शक्ति बूंदी के लड्डू का प्रसाद चढ़ा कर बालकों में बाँटना चाहिए। इससे लड़की या लड़के के विवाह आदि सुख संबंधों में पड़ने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

गुरु पुष्य योग में या गुरु पूर्णिमा के दिन, बसंत पंचमी के दिन, अक्षय तृतीया या अपनी तिथि अनुसार जन्मदिन के अवसर पर श्री शिवमहापुराण, भागवत पुराण, विष्णुपुराण, रामायण, गीता, सुंदरकांड, श्री दुर्गा शप्तशती आदि ग्रंथों का किसी विद्वान् ब्राह्मण को दान करना अतिशुभ होता है।

किसी भी शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार से आरम्भ कर रात में भीगी हुई चने की दाल को पीसकर उसमें गुड़ मिलाकर रोटियां लगातार 21 गुरुवार गाय को खिलाने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती है। किसी कारण वश गाय ना मिले तो 21 गुरुवार तक ब्राह्मण दंपति को खीर सहित भोजन कराना शुभ होता है।

आज का पंचांग

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बृहस्पतिवार, दिसम्बर 5, 2024
सूर्योदय: 07:00
सूर्यास्त: 17:24
तिथि: चतुर्थी – 12:49 तक
नक्षत्र: उत्तराषाढा – 17:26 तक
योग: वृद्धि – 12:28 तक
करण: विष्टि – 12:49 तक
द्वितीय करण: बव – 00:31, दिसम्बर 06 तक
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: गुरुवार
अमान्त महीना: मार्गशीर्ष
पूर्णिमान्त महीना: मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि: मकर
सूर्य राशि: वृश्चिक