हिम शिखर खबर ब्यूरो
पूर्व सचिव भारत सरकार भाई कमलानंद महाराज ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्विरोध निर्वाचन बढ़ने पर खुशी जताई है। दरअसल, पंचायत चुनाव में आपसी बुराइयां बहुत हो जाती है। इसका असर गांव के माहौल के साथ विकास पर भी पड़ता है। इस बार पंचायत चुनाव में यह स्थिति न बने, इसके लिए पहाड़ के कई गांवों ने निर्विरोध निर्वाचन को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। ग्रामीणों के निर्विरोध निर्वाचन के जरिए सुशासन और विकास का रास्ता भी प्रशस्त होगा। पंचायतराज की मूल भावना सबको साथ लेकर ग्राम का सर्वांगीण विकास करना है। इसमे निर्विरोध निर्वाचन बड़ी भूमिका निभाता है।
भाई कमलानद महाराज ने निर्विरोध हाने वाली पंचायतों को सम्मानित करने की बात कही है। कहा कि यह खुशी की बात है कि पहाड़ के कई गांवों में निर्विरोध प्रधान बन रहे है। इससे व्यक्ति मजबूत होगा, समाज मजबूत होगा, गांव में स्वावलंबन, स्वाभिमान होगा। चुनाव में शराब, मुर्गा का चलन नहीं होना चाहिए। उद्देश्य यह है कि विश्व को बचाना है तो जड़ को मजबूत करना होगा। ऐसी दशा में सबकी जिम्मेदारी है कि इस पर सोचें। चुनाव का आधार वोट है। यदि चुनाव में वोट बिक गया तो क्या विकास होगा। कृपा करके इस पर सोचे।