आज का पंचांग : मनुष्य इच्छाओं को सही दिशा में लगाएं

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष पंचमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आषाढ़

आज पंचमी तिथि 10:39 PM तक उपरांत षष्ठी | नक्षत्र शतभिषा 06:26 AM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा 05:46 AM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा | सौभाग्य योग 02:12 PM तक, उसके बाद शोभन योग | करण कौलव 11:22 AM तक, बाद तैतिल 10:39 PM तक, बाद गर | आज राहु काल का समय 03:2 PM – 04:31 PM है | आज 11:58 PM तक चन्द्रमा कुंभ उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा

  1. विक्रम संवत – 2082, कालयुक्त
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – श्रावण
  4. अमांत – आषाढ़

तिथि

  1. कृष्ण पक्ष पंचमी   – Jul 14 11:59 PM – Jul 15 10:39 PM
  2. कृष्ण पक्ष षष्ठी   – Jul 15 10:39 PM – Jul 16 09:02 PM

नक्षत्र

  1. शतभिषा – Jul 14 06:49 AM – Jul 15 06:26 AM
  2. पूर्वभाद्रपदा – Jul 15 06:26 AM – Jul 16 05:46 AM
  3. उत्तरभाद्रपदा – Jul 16 05:46 AM – Jul 17 04:50 AM

मनुष्य इच्छाओं को सही दिशा में लगाएं

जिन्हें मानवीय व्यवहार पर काम करना हो, उन्हें ध्यान रखना होगा कि इच्छाएं कैसे नियंत्रित करें। 5 इच्छाएं ऐसी होती हैं, जिनके कारण मनुष्य कुछ भी करने को तैयार हो जाता है। मनुष्य में पहली इच्छा होती है भोग, उसके बिना वह रह नहीं सकता। दूसरी इच्छा है विलास। जीवन ऊर्जा का एक हिस्सा वासना में तो लगेगा ही। तीसरी इच्छा प्रतिस्पर्धा है।

मनुष्य का स्वभाव है वह मुकाबला करेगा ही। चौथी इच्छा है अहंकार। पांचवी इच्छा प्रतिष्ठा है। मनुष्य में इच्छा होती है कि लोग उसे महत्वपूर्ण समझें। इन इच्छाओं का सदुपयोग करना सदव्यवहार है। रावण जब श्रीराम के तीर से मरणासन्न था, तब राम ने लक्ष्मण को उनके पास भेजा। राम जानते थे रावण विद्वान है।

लक्ष्मण ने पूछा कि राक्षसराज तुम्हारी सारी इच्छाएं पूरी हो गईं? रावण बोला एक इच्छा मिटाओ तो दूसरी पैदा हो जाती है। अगर ये संसार की तरफ मुड़ जाए तो आसक्ति और ईश्वर की तरफ मुड़ जाए तो भक्ति कहलाती है। इच्छाएं तो होंगी ही, हमें तय करना है हमारी दिशा कौन-सी होगी।

आज का विचार

🦜…गलत और सही इंसान में एक अंतर यह भी होता हैं कि, गलत इंसान की आवाज ऊंची होती हैं, और सही इंसान का व्यक्तित्व.

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