पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है। पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष में कामिका एकादशी मनाई जाती है। इस बार आज यानी 21 जुलाई को कामिका एकादशी व्रत किया जा रहा है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से जीवन में सफलता मिलती है और भगवान विष्णु साधक की मुरादें पूरी करते हैं। अगर आप भी व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो कामिका एकादशी के दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करें और व्रत कथा का पाठ करें।
व्रत कथा का पाठ करने से साधक को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और पापों से छुटकारा मिलता है। आइए पढ़ते हैं कामिका एकादशी की व्रत कथा।
कथा के अनुसार, प्राचीन समय में एक गांव में पहलवान रहता था। वह अधिक क्रोध करता था। इसलिए उसकी किसी न किसी से बहस हो जाती थी। एक बार ऐसा समय आया कि उसका किसी ब्राह्मण से झगड़ा हो गया। उसने क्रोध में आकर ब्राह्मण की हत्या कर दी, जिसकी वजह से उस पर ब्राह्मण हत्या का दोष लग गया। इसके बाद वह ब्राह्मण के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गया, तो पंडितों ने उसे वहां से भगा दिया।
पंडितों ने पहलवान को ब्रह्माण की हत्या का दोषी मानकर बहिष्कार किया और पंडितों ने पहलवान के घर धार्मिक काम करने से मना कर दिया और सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पहलवान ने साधु से इस दोष को दूर करने के लिए उपाय पूछा। तो साधु ने सावन माह के कृष्ण पक्ष की कामिका एकदाशी व्रत करने की सलाह दी। इसके बाद पहलवान ने विधिपूर्वक कामिका एकदाशी व्रत किया। इसके बाद पहलवान को सपने में श्रीहरि के दर्शन हुए। उसने सपना देखा कि भगवान विष्णु ने हत्या दोष से मुक्त कर दिया।
श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आषाढ़ |आज है रोहिणी व्रत और कामिका एकादशी|
आज एकादशी तिथि 09:39 AM तक उपरांत द्वादशी | नक्षत्र रोहिणी 09:07 PM तक उपरांत म्रृगशीर्षा | वृद्धि योग 06:38 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग | करण बालव 09:39 AM तक, बाद कौलव 08:22 PM तक, बाद तैतिल | आज राहु काल का समय 07:36 AM – 09:15 AM है | आज चन्द्रमा वृषभ राशि पर संचार करेगा
करण
- बालव – Jul 20 10:56 PM – Jul 21 09:39 AM
- कौलव – Jul 21 09:39 AM – Jul 21 08:22 PM
- तैतिल – Jul 21 08:22 PM – Jul 22 07:06 AM
योग
- वृद्धि – Jul 20 09:48 PM – Jul 21 06:38 PM
- ध्रुव – Jul 21 06:38 PM – Jul 22 03:31 PM
वार
- सोमवार
त्यौहार और व्रत
- रोहिणी व्रत
- कामिका एकादशी