आज का पंचांग : शिव तत्व विचार

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है। आज सावन शिवरात्रि है

श्रावण कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आषाढ़ आज है मास शिवरात्रि

आज चतुर्दशी तिथि 02:29 AM तक उपरांत अमावस्या | नक्षत्र आद्रा 05:54 PM तक उपरांत पुनर्वसु | व्याघात योग 12:33 PM तक, उसके बाद हर्षण योग | करण विष्टि 03:32 PM तक, बाद शकुनि 02:29 AM तक, बाद चतुष्पद | आज राहु काल का समय 12:03 PM – 01:32 PM है | आज चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा

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आज का भगवद् चिन्तन

शिव तत्व विचार

भगवान महादेव जैसा परमार्थी और वैरागी कोई दूसरा देव नहीं है। भगवान शिव की करुणा तो देखिए, एक भक्त की पुकार पर माँ गंगा के अति तीव्र वेग को भी सहर्ष अपने मस्तक पर सह लेते हैं। गंगा को जटाओं में धारण करते हैं पर बाद में लोक कल्याण की भावना से मुक्त भी कर देते हैं। दुनिया का नियम यह है, कि यहाँ पर प्रत्येक आदमी दूसरों से पाना तो बहुत कुछ चाहता है, लेकिन बाँटना नहीं चाहता।

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लोक कल्याण एवं लोक मंगल के लिए बाँटना हम सबको भगवान शिव के जीवन से सीखना चाहिए। भगवान शिव किसी से लेते भी हैं तो और अधिक देने के लिए लेते हैं। चाहे हमारी कितनी ही प्यारी वस्तु क्यों न हो लेकिन आवश्यकता पड़ने पर जैसे भगवान शिव ने माँ गंगा को मुक्त किया ऐसे ही दूसरों के कल्याण की भावना से हमें भी उस वस्तु का परित्याग करना ही चाहिए। लोक मंगल के लिए किया गया प्रत्येक कार्य शिव पूजन ही तो है।