पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
आज का भगवद् चिन्तन
श्रीकृष्ण तत्व विचार
तृष्णाओं एवं वासनाओं का विष किसी भी मनुष्य के संपूर्ण जीवन को दूषित कर देता है। भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं में एक प्रमुख लीला है कालिया नाग नाथन लीला। कालिया नाग जीव की कामना और वासना का ही प्रतीक है और भक्ति स्वरूपा माँ यमुना जी विवेक की प्रतीक हैं। कालिया नाग ने पूरे यमुना जल को अपने जहर से दूषित कर दिया। वासना एवं तृष्णा किसी मनुष्य के विचारों को उसी प्रकार विषाक्त बना देती है जिस प्रकार जल में विष का मिश्रण उसे विषाक्त बना देता है।
भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि कामना का भी जीवन में अपना महत्व होता है इसलिए मारना कोई उपाय नहीं, मोड़ना कामना से रक्षा का एक मात्र उपाय है। भगवान श्रीकृष्ण मानव समाज के प्रतिनिधि बनकर हम सभी को अपनी कालिया नाग नाथन लीला से संदेश देते हैं कि अपने विवेक का प्रयोग करके विवेकपूर्ण युक्ति से कामना से युद्ध अवश्य करते रहो लेकिन उसे मारो नहीं अपितु मोड़ो। जीवन के परम मंगल के लिए कामना को राममय बनाओ काममय नहीं।
आज का विचार
बड़ा महल हो या एक छोटी सी झोपडी, खुशियां तभी है जिंदगी में जब शांत हो खोपड़ी, तीर्थो में सर्वश्रेष्ठ तीर्थ आपका हृदय दै। यह जितना निर्मल और निष्पाप होगा सारे तीर्थ उतने ही आपके पास होंगे.!
भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, श्रावण, आज है प्रदोष व्रत
आज द्वादशी तिथि 01:58 PM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र पुनर्वसु 12:27 AM तक उपरांत पुष्य | सिद्धि योग 06:13 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग | करण तैतिल 01:59 PM तक, बाद गर 01:19 AM तक, बाद वणिज | आज राहु काल का समय 12:30 PM – 02:05 PM है | आज 06:35 PM तक चन्द्रमा मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा
- विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
- शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत – भाद्रपद
- अमांत – श्रावण
तिथि
- कृष्ण पक्ष द्वादशी – Aug 19 03:32 PM – Aug 20 01:58 PM
- कृष्ण पक्ष त्रयोदशी – Aug 20 01:58 PM – Aug 21 12:45 PM
नक्षत्र
- पुनर्वसु – Aug 20 01:07 AM – Aug 21 12:27 AM
- पुष्य – Aug 21 12:27 AM – Aug 22 12:08 AM
