हिमशिखर खबर ब्यूरो
जयपुर: पूर्व केंद्रीय सचिव भारत सरकार भाई कमलानंद महाराज आज से जयपुर के दौरे पर हैं. बताया कि गौ-संरक्षण, गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जैविक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जयपुर में एक भव्य ‘गौ महाकुंभ’ का आयोजन होने जा रहा है। यह चार दिवसीय कार्यक्रम 4 से 7 सितंबर तक चलेगा, जिसमें देश भर से गौपालक, किसान, वैज्ञानिक और गौ-सेवा से जुड़े हजारों लोग भाग लेंगे। इस महाकुंभ को भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व को पुनः स्थापित करने और उसे एक आर्थिक शक्ति के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मैं इस महाकुंभ में पूरे चार दिन रहूँगा और आप सब गो आधारित कार्य करने वालों से मिलूंगा। मैं चाहता हूँ कि आप अपने अनुभव बताएं और हम सब मिलकर गौ-संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ। यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है! आइए, इतिहास का हिस्सा बनिए।
प्रमुख उद्देश्य और आकर्षण
इस महाकुंभ का मुख्य लक्ष्य गाय को केवल एक पशु न मानकर उसे आत्मनिर्भर भारत का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाना है। आयोजन में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जहाँ निम्नलिखित विषयों पर गहन चर्चा होगी:
- गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना: गौशालाओं को दान पर निर्भर रहने के बजाय उन्हें कैसे टिकाऊ व्यापार मॉडल में बदला जाए, इस पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
- पंचगव्य उत्पादों का विकास: गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र से बनने वाले आयुर्वेदिक, औषधीय और घरेलू उत्पादों के निर्माण और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- जैविक खेती को प्रोत्साहन: किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बजाय गोबर से बनने वाली जैविक खाद और गौमूत्र-आधारित कीटनाशकों के उपयोग के फायदे बताए जाएंगे।