चम्बा : गौरव कोठारी बने सब इंस्पेक्टर, बुलंद हौसले और जुनून ने दिलाई सफलता

चम्बा : ‘अगर देखना चाहते हो मेरी उड़ान को तो और लंबा कर दो आसमान को’, इस शेर को चंबा के गुनोगी गांव के होनहार युवक गौरव कोठारी ने चरितार्थ कर दिखाया है. गौरव कोठारी ने बता दिया है कि इंसान के अंदर अगर मंजिल पाने की जिद के हद तक जुनून हो तो वह यकीनन अपनी मंजिल तक पहुंचने में कामयाब हो ही जाता है. गौरव कोठारीने अपनी मेहनत और लगन से अपने परिवार का नाम रोशन किया है.

चंबा के गुनोगी बमुण्ड के मूल निवासी गौरव कोठारी तमाम बाधाओं के बावजूद सफलता की एक मिसाल बन गए हैं. उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के रिजल्ट में गौरव कोठारी का चयन उत्तराखण्ड पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर हुआ है. गौरव कोठारी एक साधारण परिवार से आते हैं, पिता महादेव कोठारी सरकारी कर्मचारी हैं तथा माता पुष्पा देवी ग्रामीण कृषि एवं पशुपालन में कार्यरत महिला हैं.

सब-इंस्पेक्टर बनने का सफर उनकी कड़ी मेहनत, त्याग और अटूट प्रतिबद्धता का नतीजा है. गौरव की कहानी उनके बचपन से शुरू होती है, जब वे गुनोगी के सुंदर लेकिन आर्थिक एवं भौतिक रूप से चुनौतीपूर्ण गाँव में पले-बढ़े तथा वह बचपन से ही कृषि एवं पशुपालन से भी जुड़े रहे. ग्रामीण परिवेश के बावजूद, गौरव के माता-पिता ने उनकी शिक्षा और कड़ी मेहनत को महत्व दिया। संसाधनों की सीमित पहुँच लेकिन ज्ञान की भूख के साथ, उन्होंने अपनी 12वीं तक की शिक्षा राजकीय इण्टर काॅलेज छापराधार से पूरी की तथा उसके बाद समाजशास्त्र से स्नातक व परास्नातक में मास्टर आॅफ सोशल वर्क की पढ़ाई पूरी की. 2017 में स्नातकीय पढ़ाई के साथ में ही वह संस्था से जुड़कर विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में भी कार्य करने लगे जिनमें कौशल विकास कार्यक्रम व ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी कुछ भारत सरकार की परियोजनाएं भी शामिल थी, कॉलेज के दिनों में ही लोक सेवा के प्रति उनका जुनून जागृत हुआ और एक स्पष्ट लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सब-इंस्पेक्टर परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. अनुशासन, दृढ़ संकल्प और ध्यान के साथ, उन्होंने खुद को पूरी तरह से अपनी पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया. तत्पश्चात उन्होने देहरादून जाकर वहां कोचिंग व प्रेक्टिस सेट देने के साथ-साथ देर रात तक स्व-अध्ययन किया, तथा इस अथक अभ्यास ने उन्हें इस कठिन परीक्षा की चुनौतियों पर विजय दिलाई. इस सफलता हेतु गौरव ने अपने परिवारजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी पूरी यात्रा में उनको मार्गदर्शन दिया.

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