पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
आज कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आश्विन | आज है अमावस्या, दिवाली|
आज अमावस्या तिथि 05:54 PM तक उपरांत प्रतिपदा | नक्षत्र चित्रा 10:58 PM तक उपरांत स्वाति | विष्कुम्भ योग 03:16 AM तक, उसके बाद प्रीति योग | करण नाग 05:55 PM तक, बाद किस्तुघन | आज राहु काल का समय 03:01 PM – 04:27 PM है | आज 09:36 AM तक चन्द्रमा कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा |
आज का विचार
मुस्कान मानव हृदय की मधुरता को दर्शाता है और शांति बुद्धि की परिपक्वता को, और दोनों का ही होना मनुष्य की संपूर्णता को बताता है.
आज का भगवद् चिन्तन
शुभ दीपावली
जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाने के लिए ज्ञान रूपी दीपक जलाना ही एकमात्र उपाय है। अज्ञान एवं असत्य की कालिमा के विनाश के लिए ज्ञान एवं सत्य रूपी दीपक के प्रकाश से जीवन को प्रकाशित करने का पावन पर्व ही दीपावली है। काम-क्रोध-लोभ और मोह जैसी घनघोर अमावस में ज्ञान रुपी दीप प्रज्वलित कर भीतर के तम का नाश करना ही इस पावन पर्व का मुख्य उद्देश्य है।
जहाँ प्रेम एवं श्रद्धा रूपी दीये जले हों, प्रभु श्रीराम उसी हृदय रुपी अयोध्या में विराजते हैं। हृदय सिंहासन पर धर्म के विग्रह स्वरूप श्रीराम के विराजमान होने पर मनुष्य के भीतर स्वतः ही सत्य, प्रेम एवं करुणा का प्रकाश फैलने लगता है। इस दीपावली पर मिठाई ही नहीं, प्रेम भी बाँटें, पटाखे ही नहीं, दुर्गुणों को भी जलायें और केवल घर को ही नहीं, सुविचारों से हृदय को भी सजायें। हमारे जीवन में धर्म रुपी नारायण होंगे तो सुख-समृद्धि रूपी माँ लक्ष्मी का स्वतः आगमन हो जायेगा।
प्रकाशोत्सव दीपावली आप सभी के लिए शुभ एवं मंगलमय हो।