आज कितने बजे है भाई दूज का मुहूर्त, क्या है तिलक करने का सबसे शुभ समय?

आज पूरे देश में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। पांच दिवसीय दिवाली पर्व के आखिरी यानी पांचवें दिन भाई दूज (Bhai Dooj) मनाया जाता है हिंदू कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज मनाते हैं. इस दिन बहन अपने भाई के तिलक कर दीर्घायु की कामना करती हैं इसके बाद भाई अपनी बहन को कुछ न कुछ उपहार देते हैं. भाई दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जानते हैं

पंडित हर्षमणि बहुगुणा


‘ सूर्य भगवान की सन्तान यम और यमुना में अतिशय प्रेम था। किन्तु यमराज को अपने कार्य में अधिक व्यस्तता से यमुना के यहां जाने का समय नहीं मिल पाता था। एक दिन स्वयं यमुना यमराज से मिलने गई यमुना को आया देख यमराज बहुत प्रसन्न हुए और उसे मन इच्छित वर मांगने को कहा अतः यमुना ने कहा भैया आज दीपावली के दूसरे दिन जो भी मेरे में स्नान करे, उसे यम यातना न हो, यमराज ने तथास्तु कहकर कहा कि जो भी व्यक्ति कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना में स्नान करेगा और अपनी बहिन के यहां भोजन करेगा उससे उसे बल और पुष्टि मिलेगी इसके बदले भाई अपनी बहन को वस्त्र अलंकार द्रव्य आदि देकर सन्तुष्ट करे, यदि दुर्भाग्य से अपनी सगी बहन न हो तो चाचा, ताऊ, बुआ, मामा, मौसी आदि की पुत्री के हाथ का बना भोजन करे, इससे उसे धन, यश, आयुष्य, धर्म, अर्थ और अत्यधिक सुख की अनुभूति होती है।

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इस तिथि को अपराह्न व्यापिनी मनाना चाहिए, यमराज से यह प्रार्थना करनी चाहिए। -‘ धर्मराज नमस्तुभ्यं नमस्ते यमुनाग्रज। पाहि मां किङ्करै: सार्धं सूर्यपुत्र नमोऽस्तुते।।
यमुना मैया की प्रार्थना भी करनी चाहिए —
यमस्वसर्नमस्तेऽस्तु यमुने लोकपूजिते । वरदाभव मे नित्यं सूर्यपुत्रि नमोस्तुते ।। चित्रगुप्त की भी प्रार्थना करनी चाहिए –
मसिभाजनसंयुक्तं ध्यायेत्तं च महाबलम् । लेखिनीपट्टिकाहस्तं चित्रगुप्तं नमाम्यहम्।।
‘ यमराज को अर्घ्य दान करना श्रेयस्कर है, तब बहन भाई को भोजन करवाए, शुद्ध प्रेम के प्रतीक इस उत्सव को प्रेम पूर्वक मनाना चाहिए। आप सबको यम द्वितीया की हार्दिक शुभकामनाएं। आपका जीवन निरन्तर उन्नति की ओर अग्रसर हो यही प्रार्थना व अपेक्षा करता हूं। ‘

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इस दिन बहनें अपनेभाइयों का तिलक कर उनकी लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती हैं। इस वर्ष भाई दूज तिलक का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। यानी, बहनों को अपने भाइयों को तिलक करने के लिए करीब 2 घंटे 15 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा।

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