पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
कार्तिक शुक्ल पक्ष पंचमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, कार्तिक | आज है लाभ पंचमी|
आज पंचमी तिथि 06:05 AM तक उपरांत षष्ठी | नक्षत्र ज्येष्ठा 10:46 AM तक उपरांत मूल | शोभन योग 06:45 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग | करण बव 04:59 PM तक, बाद बालव 06:05 AM तक, बाद कौलव | आज राहु काल का समय 04:24 PM – 05:48 PM है | आज 10:46 AM तक चन्द्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा |
आज का भगवद् चिन्तन
सर्व मंगल की कामना रखें
श्रेष्ठ जीवन सम्मानित जीवन भी बन जाता है। सम्मानित होने के लिए अच्छा होना भी आवश्यक है क्योंकि जिस जीवन में अच्छाई होती है, वही जीवन सम्मानीय भी बन जाता है। समाज स्वस्थ, सदाचारी बनकर उन्नति के मार्ग पर चले जिससे सबका भला हो, इसके लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए। महापुरुष यही तो कहते हैं, कि जब सब प्रकार से आप अपना कल्याण करना चाहते हैं तब केवल धन व भोग के पीछे मत भागना।
सबके मंगल एवं कल्याण की भावना में ही आपका स्वयं का मंगल एवं कल्याण भी निहित होता है। यह भी विचार करें कि मैंने दुनिया से बहुत लिया अब देने की बारी है। अब लेने के लिए नहीं देने के लिए जीना है। ये कभी मत भूलो कि यह मानव जीवन अल्पकालिक है। इसलिए जीवन के प्रत्येक क्षण का सम्मान करो। जो समय का सम्मान करता है, समाज में उसका जीवन भी अवश्य ही सम्मानीय बन जाता है।