पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, कार्तिक |आज है अमावस्या|
मार्गशीर्ष अमावस्या, जो आज यानी 20 नवंबर को मनाई जा रही है। सनातन धर्म में पितृ तर्पण, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु प्रातःकाल स्नान कर भगवान विष्णु और शिव की पूजा करते हैं। तर्पण, दीपदान और तिलदान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और परिवार पर संरक्षण व शांति बनी रहती है। नदी या सरोवर में स्नान का विशेष पुण्य बताया गया है।
आज अमावस्या तिथि 12:17 PM तक उपरांत प्रतिपदा | नक्षत्र विशाखा 10:58 AM तक उपरांत अनुराधा | शोभन योग 09:52 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग | करण नाग 12:17 PM तक, बाद किस्तुघन 01:33 AM तक, बाद बव | आज राहु काल का समय 01:33 PM – 02:54 PM है | आज चन्द्रमा वृश्चिक राशि पर संचार करेगा |
- विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
- शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत – मार्गशीर्ष
- अमांत – कार्तिक
तिथि
- कृष्ण पक्ष अमावस्या – Nov 19 09:43 AM – Nov 20 12:17 PM
- शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – Nov 20 12:17 PM – Nov 21 02:47 PM
नक्षत्र
- विशाखा – Nov 19 07:59 AM – Nov 20 10:58 AM
- अनुराधा – Nov 20 10:58 AM – Nov 21 01:55 PM
यह प्रश्न बहुत लोगों के दिमाग में बना रहता है कि सत्संग क्यों किया जाए? और वो भी ऐसे समय, जब कथा आयोजन, सत्संग प्रसंगों की बाढ़ आ रही हो। सत्संग के मामले में ज्ञानी-अज्ञानी, योग्य-अयोग्य कोई भी हों, सब के मुंह खुले हुए हैं। लेकिन कान सबके बंद हैं।
तुलसीदास जी ने शिव जी के मुंह से कहलाया- बिनु सतसंग न हरिकथा, तेहि बिनु मोह न भाग। मोह गएँ बिनु रामपद, होइ न दृढ़ अनुराग। सत्संग के बिना हरिकथा सुनने को नहीं मिलती। उसके बिना मोह नहीं भागता और मोह के गए बिना राम जी के चरणों में प्रेम नहीं होता। लेकिन यदि आज की पीढ़ी की भाषा में समझें तो इसका अर्थ है कि ठीक से सत्संग सुनें तो हमारी डिसीजन मेकिंग पॉवर सुधर जाएगी।
अच्छे परिणाम देगी। चार बातों से सत्संग सुनें। कथा में जो आंकड़े हैं, उनको जीवन से जोड़ें। संदेश का मूल्यांकन करें। जिस भी थॉट को उतारें, विश्वास करके उतारें। और समयबद्ध संकल्प लें तो सत्संग डिसीजन मेकिंग पॉवर बढ़ा देगा।