पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है
पौष कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, मार्गशीर्ष |आज है रोहिणी व्रत|
आज प्रतिपदा तिथि 12:55 AM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र रोहिणी 11:46 AM तक उपरांत म्रृगशीर्षा | सिद्ध योग 08:08 AM तक, उसके बाद साध्य योग 03:48 AM तक, उसके बाद शुभ योग | करण बालव 02:48 PM तक, बाद कौलव 12:56 AM तक, बाद तैतिल | आज राहु काल का समय 10:57 AM – 12:17 PM है | आज 10:15 PM तक चन्द्रमा वृषभ उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा |
आजकल डिजिटल की दुनिया में ऐसा कहते हैं कि जो दिखता है, वो बिकता है। साहित्य के संसार में कहा जाता है, जो दिखता है वो लिखता है। लेकिन योग की दुनिया का संदेश है कि जो नहीं दिखता है, वो भी योग के माध्यम से दिखता है। एक अंतर्दृष्टि जाग्रत होती है।
योग के माध्यम से आप एक चीज बढ़ा सकते हैं और वो है 24 घंटों में बढ़ोतरी। वैसे तो भगवान ने 25वां घंटा किसी को नहीं दिया। लेकिन योग को जीवन में उतारें तो आप 24 घंटे को 26 घंटे में बदल सकते हैं। सुबह अगर आप जल्दी उठ गए तो आपके पास दो घंटे का अधिक समय होगा। घड़ी से मत गिनिए, लेकिन समय और कार्य का तालमेल बैठ जाएगा।
इसलिए कोशिश करिए कि समय की बढ़ोतरी करें तो काम आसानी से निपट जाएंगे। हमें दिन छोटा क्यों लगता है? क्योंकि आज भारत में 75% आबादी सूर्योदय के पश्चात उठती है और सूर्यास्त पर सक्रिय होती है। इस सबके दूरगामी परिणाम होंगे। प्रकृति आपके साथ है, यदि आप सूरज के साथ उठ गए।