पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र ध्वज फहराया। इस दौरान राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी हुई। कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड थोड़ी देर में शुरू होगी।
गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं।
समारोह लगभग 90 मिनट तक चलेगा। इस बार मुख्य परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है।
परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।
आज का विचार
दूसरों को समझना बुद्धिमानी है, खुद को समझना असली ज्ञान है। दूसरों को काबू करना बल है और खुद को काबू करना वास्तविक शक्ति है
आज का भगवद् चिंतन
भारत माता की जय
राष्ट्र की उन्नति ही हमारी स्वयं की उन्नति भी है। किसी भी राष्ट्र का उत्थान उसके नागरिकों द्वारा राष्ट्र के प्रति निष्ठावान एवं कर्तव्यपरायणता की भावना में ही निहित है। हमारे गणतंत्र दिवस की सफलता इसी में है कि हम सबके भीतर राष्ट्र प्रेम का भाव जन्म ले सके क्योंकि राष्ट्र प्रेम की भावना ही राष्ट्र उत्थान के साथ-साथ स्व उत्थान की भावना भी है।
हम सभी के लिए राष्ट्र हित प्रथम होना चाहिए। राष्ट्र ने हमको क्या दिया से अधिक राष्ट्र को हमने क्या दिया..? इस का चिंतन सदैव बना रहना चाहिए। राष्ट्र के प्रति अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का बोध भी हम सभी को अवश्य होना चाहिए।
आज के इस पावन दिवस में माँ भारती की सेवा में सतत संलग्न वीर सैनिकों को प्रणाम करते हुए, माँ भारती की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले उन वीर सपूतों को बार – बार नमन जिन्होंने इस माँ भारती के वैभव को सदा सर्वदा ऊँचा और अमर बनाए रखा। आओ राष्ट्र हित में अपने – अपने निजी स्वार्थों की आहुतियां देते हुए इस गणतंत्र को सफल बनायें।
समस्त राष्ट्र वासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की अनंत शुभकामनाएं बधाई मंगल बधाई।