पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
माघ शुक्ल पक्ष दशमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, माघ |
आज दशमी तिथि 04:36 PM तक उपरांत एकादशी | नक्षत्र कृत्तिका 09:26 AM तक उपरांत रोहिणी | ब्रह्म योग 11:53 PM तक, उसके बाद इन्द्र योग | करण गर 04:36 PM तक, बाद वणिज 03:17 AM तक, बाद विष्टि | आज राहु काल का समय 12:39 PM – 02:01 PM है | आज चन्द्रमा वृषभ राशि पर संचार करेगा |
आज का भगवद् चिन्तन
स्वयं को सुधारें-समाज को सुधारें
कुछ तोड़ने का मन करे तो अपने अहम तो तोड़ना सीखिए, कुछ जलाने का मन करे तो अपने क्रोध को जलाना सीखिए, कुछ त्यागने का मन करे तो कटु वचनों को त्यागना सीखिए और कुछ देने का मन करे तो सबको सहयोग देना सीखिए। बिना अहम को तोड़े आप यथार्थ से वंजित रह जाओगे, बिना क्रोध को जलाये आप आत्मिक सुख से वंजित रह जाओगे, बिना कटु वचनों का त्याग किये आप अपनत्व से वंचित रह जाओगे और बिना सहयोग दिये आप दूसरों के सहयोग प्राप्ति से भी वंचित रह जाओगे।
जब तक आप स्वयं को छोड़ कर बाकी सबको बदलने का प्रयास करते रहोगे तब तक आत्मिक सुख को सदैव अपने से दूर ही पाओगे। अहम दूसरों में दिखे तो एक बार स्वयं का निरीक्षण करने की भी आवश्यकता है। क्रोध किसी और में दिखे तो एक बार स्वयं को परखने की आवश्यकता है और कटुता दूसरों में दिखे तो एक बार स्वयं की वाणी के मूल्यांकन की भी आवश्यकता है। स्वयं के सुधार के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास समाज सुधार की दिशा में कार्य करना ही है।