भाई कमलानंद (डा कमल टावरी)
पूर्व सचिव भारत सरकार
श्री गंगानगर में आयोजित कार्यक्रम में सार्थक चर्चा हुई. टाटिया यूनिवर्सिटी और यहाँ पर चल रही एग्जिबिशन में दमदार लोगों के साथ भी चर्चा हुई. तो अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर जैविक मूवमेंट को गति दें और लोगों के साथ मिलकर ही काम करें. अब स्वार्थ वाले लोगों की जरूरत है. खेतों में रसायन का बहुत प्रयोग किया जा रहा है, जिससे बीमारियां और कैंसर का खतरा बढ़ रहा है. हमने देखा कि जगह जगह जमीन खाली पड़ी हुई है. यह बॉर्डर का एरिया है. डॉक्टर लाल सिंह जी और शर्मा जी का जन्म स्थान भी यहीं पर
है. टाटिया यूनिवर्सिटी से हम सबको बहुत अपेक्षा है. इस यूनिवर्सिटी में बहुत सारे डिपार्टमेंट है. इसलिए हम चाह रहे हैं कि आयुर्वैदिक डिपार्मेंट के साथ मिलकर क़ाम किया जाए. हमें बघेल जी भी मिल गए हैं, जिन्होंने नानाजी देशमुख के साथ भी काम किया है. वह बुजुर्ग होने के साथ-साथ अनुभवी भी है. तो अब समय आ गया है की दमदार लोग मिलकर कम करें. टर्न की कंसलटेंसी, जिला आदर्श के मापदंड बनाएं. तीसरा है देसी गाय पर काम करने का बहुत स्कोप है. उद्यमिता बढ़ाने का, कैंसर मुक्त करने में यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन होगा.
ऐसा की किरणें देखनी होगी जहां-जहां पर झगड़ा फसाद नहीं है जहां जहां पर क्रेडिट डिपॉजिट रिसीव ठीक है प्रोग्राम उद्यमिता का प्रोग्राम चलना होगा आई मिलकर काम करते हैं और यहां से विकास का एक नया मॉडल निकलेगा