आज का पंचांग : समाज को देना भी सीखें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, माघ

आज चतुर्दशी तिथि 05:34 PM तक उपरांत अमावस्या | नक्षत्र श्रवण 08:47 PM तक उपरांत धनिष्ठा | वरीयान योग 01:49 AM तक, उसके बाद परिघ योग | करण शकुनि 05:34 PM तक, बाद चतुष्पद 05:36 AM तक, बाद नाग | आज राहु काल का समय 08:27 AM – 09:51 AM है | आज चन्द्रमा मकर राशि पर संचार करेगा |

आज का विचार

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लक्ष्य हमेशा सही दिशा में होना चाहिए, कार्य तो दिन-रात दीमक भी करती है, लेकिन निर्माण नहीं, विनाश करती है.!!

आज का भगवद् चिंतन
समाज को देना भी सीखें

जिसके जीवन में सेवा और त्याग है, वही मनुष्य समाज में स्तुत्य एवं मूल्यवान भी है। वृक्ष हों, नदियाँ हों, पवन हों अथवा कोई जीव ही क्यों न हो जो समाज को कुछ देता है, वही देवता है, यही सनातन संस्कृति की विशाल दृष्टि है। ऐसे ही कोई मनुष्य जब समाज को देता है तो देवता के रूप में प्रतिष्ठित हो जाता है। प्रभु कृपा करते हैं तो किसी-किसी जीव के मन में सेवा का भाव जगाकर समाज सेवा का निमित्त बनाते हैं।

सेवा और त्याग का गुण ही समाज में किसी मनुष्य के मूल्य अथवा उपयोगिता का निर्धारण करता है। सेवा और त्याग दैवीय गुण अवश्य हैं, लेकिन सेवा और त्याग का अभिमान ही जीवन का सबसे बड़ा रोग भी है। मनुष्य हों अथवा देवराज इंद्र, कर्तापन का अभिमान जिसके भी भीतर आता है प्रभु द्वारा उसके अभिमान भाव को एक दिन चूर-चूर अवश्य कर दिया जाता है। समाज से लेना ही नहीं, समाज को देना भी सीखिए।

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