आज का पंचांग : करना सब कुछ अपने को, पर कराने वाला ऊपर बैठा है

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

पूरी जिंदगी फूलों में नहीं गुजरती, कांटों में जीने का अंदाज भी आना चाहिए। क्योंकि इंसान की जिंदगी एक ऐसी महाभारत है, जिसका अंत, अंत तक नहीं आता। अनंत ही उसको लाता है। अनंत यानी ईश्वर। महाभारत में हर पात्र कहीं ना कहीं परेशान था। लेकिन पांडवों ने एक बात सिखाई कि परमात्मा का पल्ला पकड़े रहना चाहिए। क्योंकि हर तरफ कांटे हों तो बहारों की बगिया की उम्मीद ऊपर वाले से ही रखी जाए।

अगर हम दुनिया से कोई उम्मीद रखेंगे तो हो सकता कांटे उन्हीं लोगों ने बोए हों। या वो अपनी ही राहों के कांटों से उलझे हुए हों। एक सीमा के बाद कौन, किसकी मदद करेगा? इसलिए महाभारत का अर्थ युद्ध ही नहीं, एक ऐसी जीवन शैली है- जिसमें करना तो सबकुछ अपने को है, पर कराने वाला ऊपर बैठा है। ऐसा भाव रखना चाहिए।

पञ्चाङ्ग
तिथिअष्टमी – 04:51 ए एम, फरवरी 25 तकनक्षत्रकृत्तिका – 03:07 पी एम तक
नवमीरोहिणी
योगइन्द्र – 07:24 ए एम तककरणविष्टि – 05:56 पी एम तक
वैधृति – 04:26 ए एम, फरवरी 25 तकबव – 04:51 ए एम, फरवरी 25 तक
विष्कम्भबालव
वारमंगलवार  
पक्षशुक्ल पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासफाल्गुन – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते12फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिवृषभनक्षत्र पदकृत्तिका – 09:29 ए एम तक
सूर्य राशिकुम्भकृत्तिका – 03:07 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रशतभिषारोहिणी – 08:45 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदशतभिषारोहिणी – 02:23 ए एम, फरवरी 25 तक
  रोहिणी
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 27 मिनट्स 35 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 31 मिनट्स 27 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:46 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:21 ए एम से 06:12 ए एमप्रातः सन्ध्या05:46 ए एम से 07:02 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:23 पी एम से 01:08 पी एमविजय मुहूर्त02:40 पी एम से 03:26 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:27 पी एम से 06:52 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:29 पी एम से 07:44 पी एम
अमृत काल12:51 पी एम से 02:22 पी एमनिशिता मुहूर्त12:20 ए एम, फरवरी 25 से 01:10 ए एम, फरवरी 25
सर्वार्थ सिद्धि योग07:02 ए एम से 03:07 पी एम 

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