आज का पंचांग : ध्यान को लक्ष्य नहीं यात्रा बना लें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

यदि किसी बहती नदी के पास थोड़ी देर बैठना मिले तो जरूर बैठिए, क्योंकि ध्यान के लिए इससे अच्छा अवसर नहीं होगा। और खासतौर पर गंगाजी के सामने बैठना मिल जाए तो बात ही क्या है। पहला संदेश तो ये मिलेगा कि जिस धारा को आप देख रहे हैं, वो अगले पल बदल गई।

जीवन ऐसा ही है, बहता जा रहा है। दूसरी बात यह है कि गंगाजी समुद्र में जाने की तैयारी कर रही हैं। हमारे भीतर भी जो नदी है- जिसको हम जीवनगंगा कह लें-उसे उस समुद्र तक जाना ही है, जिसे परमात्मा कहते हैं। इसे सहज बहने दें। और उसके लिए सबसे अच्छा प्रयोग है, ध्यान करते रहें। जैसे मन को अंग नहीं, अवस्था कहा गया।

ऐसे ही ध्यान क्रिया नहीं, दशा है। हम ध्यान को समय से ना जोड़ें। सुबह करना, शाम करना, कब करना, कैसे करें। ध्यान को जीवनशैली ही बना लें। जो काम होश में करेंगे, वर्तमान में रुककर करेंगे- वह ध्यान ही होगा। ध्यान को किसी लक्ष्य से न जोड़ें, यात्रा ही बना लें। जिसकी यात्रा में ध्यान है, उसके जीवन में शांति चलकर आएगी।

पञ्चाङ्ग
तिथिदशमी – 12:33 ए एम, फरवरी 27 तकनक्षत्रमृगशिरा – 12:11 पी एम तक
एकादशीआर्द्रा
योगप्रीति – 10:33 पी एम तककरणतैतिल – 01:36 पी एम तक
आयुष्मान्गर – 12:33 ए एम, फरवरी 27 तक
वारगुरुवारवणिज
पक्षशुक्ल पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासफाल्गुन – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते14फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमिथुननक्षत्र पदमृगशिरा – 12:11 पी एम तक
सूर्य राशिकुम्भआर्द्रा – 05:50 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रशतभिषाआर्द्रा – 11:29 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदशतभिषा – 09:32 ए एम तकआर्द्रा – 05:08 ए एम, फरवरी 27 तक
शतभिषाआर्द्रा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 30 मिनट्स 46 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 28 मिनट्स 15 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:45 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:20 ए एम से 06:10 ए एमप्रातः सन्ध्या05:45 ए एम से 07:00 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:22 पी एम से 01:08 पी एमविजय मुहूर्त02:40 पी एम से 03:26 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:28 पी एम से 06:53 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:31 पी एम से 07:45 पी एम
अमृत काल01:23 ए एम, फरवरी 27 से 02:53 ए एम, फरवरी 27निशिता मुहूर्त12:20 ए एम, फरवरी 27 से 01:10 ए एम, फरवरी 27
रवि योगपूरे दिन

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