आज का पंचांग : भोजन साथ करने से शांति का माहौल बनता है

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

जीवन में अशांति आने के अनेक रास्ते हैं, पर शांति के मार्ग सीमित हैं। उनमें से एक है- भोजन। अन्न भी हमें बहुत शांति पहुंचा सकता है। भोजन का संबंध तीन बातों से हैं- बनाना, परोसना, खाना। और यदि ये ठीक हों तो पचाना आसान है।

अन्न की ये तीनों प्रक्रियाएं मनुष्य को शांत कर सकती हैं। अब तो मनोवैज्ञानिकों ने भी मान लिया है कि साथ बैठकर जो लोग भोजन करते हैं, उनके परिवारों में शांति और प्रेम का वातावरण बनता ही है। नए प्रयोग इस बात के हो रहे हैं- जिसको वेल बीइंग थ्रू कुकिंग कहते हैं- कि यदि कोई एक-दो सदस्य भोजन बना रहे हों तो दो-चार को और उसमें जुट जाना चाहिए।

बनते हुए भोजन को जितने हाथों का साथ मिलेगा, भोजन में उतना ही आनंद आएगा। आज एकल खाने की वृत्ति बढ़ गई है। लेकिन सिंगल डाइनर्स आगे जाकर अपने को अशांत पाएंगे। हमारे यहां सभी धार्मिक अनुष्ठानों में इसीलिए अन्न का बड़ा महत्व बताया है। वैसे आजकल अनुष्ठानों की बनावट बड़ी जटिल है और आयोजनों की सजावट कुटिल है। ऐसे में कम से कम घर में तो अन्न देवता का मान करें।

पञ्चाङ्ग
तिथिद्वितीया – 05:03 पी एम तकनक्षत्रउत्तराफाल्गुनी – 08:17 ए एम तक
तृतीयाहस्त
योगशूल – 07:46 ए एम तककरणगर – 05:03 पी एम तक
गण्डवणिज – 05:24 ए एम, मार्च 06 तक
वारगुरुवारविष्टि
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासचैत्र – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते21फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिकन्यानक्षत्र पदउत्तराफाल्गुनी – 08:17 ए एम तक
सूर्य राशिकुम्भहस्त – 02:32 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रपूर्व भाद्रपदहस्त – 08:49 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदपूर्व भाद्रपदहस्त – 03:08 ए एम, मार्च 06 तक
  हस्त
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 42 मिनट्स 05 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 16 मिनट्स 51 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:44 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:14 ए एम से 06:04 ए एमप्रातः सन्ध्या05:39 ए एम से 06:53 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:20 पी एम से 01:07 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:28 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:32 पी एम से 06:57 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:35 पी एम से 07:49 पी एम
अमृत काल03:11 ए एम, मार्च 06 से 04:52 ए एम, मार्च 06निशिता मुहूर्त12:19 ए एम, मार्च 06 से 01:08 ए एम, मार्च 06

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