आज का पंचांग : समय का मान करने पर समय आपका खूब सम्मान करेगा

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आजकल कोई भी काम करने जाओ, दबाव जरूर बनेगा। लेकिन दबाव तनाव में ना बदल जाए, यह जिम्मेदारी हमारी होनी चाहिए। क्योंकि हर काम में हमारे साथ और भी व्यक्ति होते हैं, परिस्थिति होती है, जिस पर आपका नियंत्रण नहीं।

आजकल जिससे मिलो, वो यह कहता हुआ दिखेगा कि काम करने वाले लोग मिलते ही नहीं। सरकारें पैसा बांट रही हैं, लेकिन पुरुषार्थ भी बांटना चाहिए। ये बात सरकार को जब समझ में आएगी, तब आएगी। हम पुरुषार्थ कैसे बांट सकते हैं, यह देखना पड़ेगा।

जब भी कोई काम करने जाएं, उसकी समय-सीमा-जिसको डेडलाइन कहते हैं- तय करें। श्रीराम की सफलता के पीछे डेडलाइन थी 14 वर्ष की। यह केवल मंथरा या कैकेयी के मुंह से निकला हुआ समय का आंकड़ा नहीं था।

यह श्रीराम के लिए डेडलाइन थी कि मुझे 14 वर्ष में राजकुमार से लोकनायक तक की यात्रा करनी है। मनुष्य का मस्तिष्क प्रेशर अर्जेंसी में- आवश्यक दबाव में बहुत अच्छे से सक्रिय होता है और परिणाम देता है। जो भी काम करें, समयबद्ध होकर करें। समय का मान करें, समय आपका सम्मान करेगा।

आज का विचार

हमारे जीवन में कई क्लेशों का केवल एक ही कारण है वह है स्वभाव। कुछ ना हो तो अभाव सताता है। कुछ हो तो भाव सताता है और सब कुछ हो तो फिर स्वभाव सताता है। बुरे स्वभाव से हम आसान चीजों को भी क्लिष्ट बना लेते हैं!!

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय06:17 ए एमसूर्यास्त06:52 पी एम
चन्द्रोदय11:04 पी एमचन्द्रास्त08:26 ए एम
पञ्चाङ्ग
तिथिचतुर्थी – 02:10 पी एम तकनक्षत्रअनुराधा – 02:57 ए एम, अप्रैल 07 तक
पञ्चमीज्येष्ठा
योगसिद्धि – 03:25 पी एम तककरणबालव – 02:10 पी एम तक
व्यतीपातकौलव – 03:21 ए एम, अप्रैल 07 तक
वारसोमवारतैतिल
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासवैशाख – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते23चैत्र – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिवृश्चिकनक्षत्र पदअनुराधा – 06:49 ए एम तक
सूर्य राशिमीनअनुराधा – 01:30 पी एम तक
सूर्य नक्षत्ररेवतीअनुराधा – 08:13 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदरेवतीअनुराधा – 02:57 ए एम, अप्रैल 07 तक
  ज्येष्ठा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान12 घण्टे 34 मिनट्स 48 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान11 घण्टे 24 मिनट्स 05 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:35 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:46 ए एम से 05:32 ए एमप्रातः सन्ध्या05:09 ए एम से 06:17 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:10 पी एम से 01:00 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:31 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:51 पी एम से 07:14 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:52 पी एम से 08:01 पी एम
अमृत काल03:19 पी एम से 05:07 पी एमनिशिता मुहूर्त12:11 ए एम, अप्रैल 07 से 12:57 ए एम, अप्रैल 07
सर्वार्थ सिद्धि योग06:17 ए एम से 02:57 ए एम, अप्रैल 07 

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