हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक दिवस : 132 कर्मचारियों का नियमितीकरण, परिसर के 17 कर्मचारियों को भी मिला स्थायी नियुक्ति का लाभ

चम्बा : स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल के कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश कोठारी ने बताया कि हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वर्षों से दैनिक एवं नियत वेतन पर कार्यरत 132 कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति प्रदान की गई, जिससे लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के जीवन में स्थिरता एवं सुरक्षा का नया अध्याय प्रारम्भ हुआ है। यह निर्णय कर्मचारियों के वर्षों के समर्पण, परिश्रम एवं संघर्ष का सम्मान करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनशील, कर्मचारी हितैषी एवं सकारात्मक कार्यशैली का भी परिचायक है।

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इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कर्मचारी परिषद ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह के प्रति हार्दिक धन्यवाद एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच, सकारात्मक नेतृत्व एवं कर्मचारियों के हितों के प्रति प्रतिबद्धता के कारण यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। कुलपति के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम उठाया है।

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कर्मचारी परिषद ने नियमितीकरण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कराने में योगदान देने वाली समिति के संयोजक एवं सदस्यों, कार्य परिषद के सम्मानित सदस्यों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त किया। परिषद ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों के सामूहिक प्रयास, समन्वय एवं सकारात्मक सहयोग से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो सकी है।


विशेष रूप से परिसर के 17 दैनिक एवं नियत वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में परिसर निदेशक प्रो. ए. ए. बौड़ाई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। कर्मचारी परिषद एवं परिसर के समस्त कर्मचारियों ने उनके प्रति हार्दिक कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों, सकारात्मक सोच, संवेदनशील दृष्टिकोण एवं निरंतर मार्गदर्शन ने कर्मचारियों को नई आशा, विश्वास एवं ऊर्जा प्रदान की है।


कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश कोठारी ने कहा कि प्रो. बौड़ाई सदैव कर्मचारियों के हितों के प्रति समर्पित रहे हैं तथा समय-समय पर उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सफलता के मुकाम तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कुशल नेतृत्व में परिसर निरंतर विकास, उत्कृष्टता एवं नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है।


कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा कि यह उपलब्धि केवल कर्मचारियों के नियमितीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय परिवार की एकता, सहयोग एवं सकारात्मक सोच की भी जीत है। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।


अंत में कर्मचारी परिषद ने सभी नियमित हुए कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं उत्तरदायित्व के साथ विश्वविद्यालय की प्रगति, गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता के लिए कार्य करते रहेंगे तथा संस्थान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


इस अवसर पर वरिष्ठ प्रोफेसर आर सी रमोला, डॉ शंकर लाल, अनुभाग अधिकारी सुदामा लाल, हीरालाल गेरोला, मुकेश कुमार, हंसराज बिष्ट, राजेंद्र कठैत, आनंद सिंह मियाँ, देवेंद्र कुमार, राकेश रमोला, सच्चिदानंद उनियाल, आशीष सेमल्टी, सुरेश कुमार, कविता, ममता, संध्या, जयदेव, रामू दिनेश मंगाई आदि उपस्थित थे।