पाटा गाँव में श्रीमद् भागवत कथा शुरू, कलश यात्रा निकली गई

चम्बा : पाटा गाँव में नरसिंह धाम प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व महिलाओं ने जल कलश यात्रा निकाली। से शुरु हुई कलश यात्रा गाँव की चतुर्दिक परिक्रमा करती हुई बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ कथा स्थल नरसिंह धाम में पहुंची।

Uttarakhand


पाटा गाँव में ध्यानियों के सहयोग से शुरू हुई
श्रीमद्भागवत कथा में कथा वक्ता तिलक राम चमोली ने श्रीमद् भागवत महातम्य, भक्ति नारद, गोकर्ण उपाख्यान, सूत शोनक, व्यास नारद संवाद, राजा परीक्षित द्वारा कलि निग्रह श्री शुकागमन कथा वृतांत का विस्तार से वर्णन किया। भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है।

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand
Uttarakhand Uttarakhand


कहा कि, श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है। श्रीमद् भागवत महात्म्य के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कलयुग में मनुष्य अपने भावों को सत्संग के जरिए ही स्थिर रख सकता है। श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं। इस मौके पर मंदिर समिति अध्यक्ष मुकेश चमोली, दिनेश चमोली, राकेश चमोली, जीत राम भट्ट, रविन्द्र प्रसाद चमोली, प्रवेश चमोली l, मुकेश कंसवाल, सुषमा रणाकोटी, ममता देवी आदि मौज़ूद रहे