केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्तावों को मंजूरी मिली तो विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, छह करोड़ का स्टूडेंट कन्वीनियंस सेंटर और तीन करोड़ का हेल्थ सेंटर भी प्रस्तावित
चंबा (टिहरी)। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल की तस्वीर आने वाले दिनों में बदल सकती है। केंद्र सरकार से प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद परिसर में विद्यार्थियों को खेल, स्वास्थ्य और अन्य आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। परिसर के लिए करीब 40 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं।
विश्वविद्यालय में ढांचागत सुविधाओं के विस्तार के लिए कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के निर्देशन में प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। स्वामी रामतीर्थ परिसर के निदेशक एवं विश्वविद्यालय के प्लानिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन प्रो. ए.ए. बौड़ाई ने बताया कि हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी (HEFA) से स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों के लिए कुल 459 करोड़ रुपये के 22 प्रोजेक्ट भारत सरकार को भेजे गए हैं।
इनमें बिड़ला परिसर श्रीनगर के लिए 26 करोड़, पौड़ी परिसर के लिए 104 करोड़, स्वामी रामतीर्थ परिसर के लिए 40 करोड़ और चौरास कैंपस के लिए 289 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
24.35 करोड़ का मल्टीपर्पज हॉल होगा सबसे बड़ा प्रस्ताव
एसआरटी परिसर के लिए भेजे गए प्रस्तावों में सबसे बड़ा 24 करोड़ 35 लाख रुपये का मल्टीपर्पज हॉल है। प्रस्तावित हॉल में एक साथ 22 खेलों के आयोजन की सुविधा विकसित करने की योजना है। इसके बनने से विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी और परिसर में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिलेगा।
छह करोड़ से बनेगा स्टूडेंट कन्वीनियंस सेंटर
विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छह करोड़ रुपये के स्टूडेंट कन्वीनियंस सेंटर का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इसके निर्माण से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में विभिन्न आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही गर्ल्स हॉस्टल का भी प्रस्ताव
तीन करोड़ के हेल्थ सेंटर का प्रस्ताव
एसआरटी परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन करोड़ रुपये की लागत से हेल्थ सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके बनने से विद्यार्थियों और परिसर से जुड़े लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं परिसर में ही उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बीपीएड पाठ्यक्रम शुरू कराने की तैयारी
एसआरटी परिसर में बीपीएड पाठ्यक्रम शुरू कराने की दिशा में भी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। एनसीटीई के नोटिस के अनुरूप आवश्यक जानकारियां परिसर की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यार्थियों को परिसर में शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा का नया विकल्प मिल सकेगा।
खेल, स्वास्थ्य और सुविधाओं का होगा विस्तार
प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद एसआरटी परिसर में अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य और विद्यार्थी सुविधाओं के आधारभूत ढांचे का भी विस्तार होगा। परिसर के लिए प्रस्तावित करीब 33 करोड़ रुपये के प्रमुख प्रोजेक्ट विद्यार्थियों की सुविधाओं से सीधे जुड़े हैं।
परिसर प्रशासन का लक्ष्य स्वामी रामतीर्थ परिसर को ऐसे आधुनिक शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना है, जहां विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकें।





