पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष नवमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, ज्येष्ठ |आज है महेश नवमी|
आज नवमी तिथि 04:39 PM तक उपरांत दशमी | नक्षत्र हस्त 11:53 AM तक उपरांत चित्रा | वरीयान योग 10:13 AM तक, उसके बाद परिघ योग | करण कौलव 04:40 PM तक, बाद तैतिल 05:22 AM तक, बाद गर | आज राहु काल का समय 03:50 PM – 05:31 PM है | आज 12:52 AM तक चन्द्रमा कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा |
हम कितनी सांस लेते हैं, कैसे लेते हैं, इसका हिसाब रखना बहुत जरूरी है। जो लोग शांति की तलाश में हैं, उन्हें सांस पर काम करना होगा। क्योंकि मनुष्य के जीवन में सोचने से नहीं, श्वास से चिंता भीतर जाती है।
हनुमान जी पवन-पुत्र हैं। हम अपने प्राणों पर मंत्र के जितने प्रयोग करेंगे, उतने ही शांत होंगे और हमारे शरीर से निकलने वाली तरंगें उतनी ही पॉजिटिव हो जाएंगी। हनुमान चालीसा एक मंत्र है।
जीवन में सुंदरकांड को याद किया जाए, क्योंकि आधा सुंदरकांड हनुमान जी का पराक्रम है, चरित्र है, और बाद का आधा सुंदरकांड हनुमान जी ने मौन में गुजारा और राम जी की लीला सामने आई। तो हनुमान जी कहते हैं जीवन में शोर और शून्य का संतुलन होना चाहिए।