देहरादून : बीजापुर गेस्ट हाउस में राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) वैली उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में व्यापारी, उद्यमी और प्रशासन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में व्यापारियों के कल्याण, एमएसएमई (MSME) क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान, कर-संबंधी (GST) दिक्कतों, सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार सुगमता) को बढ़ावा देने जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में उत्तराखण्ड सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण, राज्य कर (GST), उद्योग, श्रम, नगर एवं ग्राम नियोजन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रदेशभर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, एमएसएमई प्रतिनिधियों एवं व्यापारी बंधुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों, उद्यमियों एवं विभिन्न विभागों के मध्य प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर व्यापार एवं उद्योग से जुड़े विषयों पर समन्वित समाधान सुनिश्चित करना था।
उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील जे. सिंघी ने की।
चेयरमैन सुनील सिंघी ने उपस्थित अधिकारियों को व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर महीने विशेष कैंप आयोजित कर व्यापारियों को सरकार की लाभकारी योजनाओं और नीतियों से अवगत कराया जाए।
सुनील जे. सिंघी ने कहा कि इसी प्रकार आगे भी शासन-प्रशासन के साथ मिलकर लगातार कैंपों का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि देश और राज्य की कल्याणकारी नीतियां मध्यम वर्गीय व्यापारियों सहित समाज के अंतिम छोर तक पहुंच सकें और उन्हें जागरूक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास-आधारित शासन, नियामकीय सरलीकरण, डिजिटल सशक्तिकरण तथा व्यापार सुगमता की दिशा में किए गए सुधारों ने व्यापारिक वातावरण को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी एवं अनुकूल बनाया है। उन्होंने DigiDukaan को ONDC आधारित एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना बताते हुए कहा कि यह किराना व्यापारियों, लघु खुदरा विक्रेताओं, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों तथा स्थानीय उद्यमों को व्यापक डिजिटल बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
बैठक में फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया व्यापार मंडल कोषाध्यक्ष सी.ए. राजेश्वर पैन्यूली ने बताया कि उत्तराखण्ड का बजट बीजेपी सरकार में 45 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपए हो गई है। बताया कि
उत्तराखंड के भौगोलिक परिवेश को देखते हुए व्यापारियों ने जीएसटी (GST) थ्रेशोल्ड लिमिट को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने, पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापार को गति देने के लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी प्रदान करने तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर व व्यापक बाजार उपलब्ध कराने संबंधी विशेष सुझाव दिए।
बताया कि प्रदेश के व्यापारियों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव और मांगें बोर्ड के समक्ष रखीं, जिनमें प्रमुख हैं:
० जीएसटी (GST) थ्रेशोल्ड लिमिट को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये किया जाए।
० पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष ट्रांसपोर्ट सब्सिडी की व्यवस्था हो।
० स्थानीय उत्पादों को बेहतर और बड़ा बाजार उपलब्ध कराया जाए।
यह संयुक्त बैठक स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुई, जहां उन्हें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधा संवाद करने और अपनी समस्याओं को सीधे पटल पर रखने का अवसर प्राप्त हुआ। बैठक के माध्यम से व्यापारियों को सरकार की आगामी योजनाओं के विषय में कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त हुईं।