आज का पंचांग :

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, ज्येष्ठ.

आज चतुर्दशी तिथि 06:49 PM तक उपरांत अमावस्या. नक्षत्र आद्रा 02:51 AM तक उपरांत पुनर्वसु | ध्रुव योग 04:00 PM तक, उसके बाद व्याघात योग | करण विष्टि 08:40 AM तक, बाद शकुनि 06:50 PM तक, बाद चतुष्पद 05:00 AM तक, बाद नाग. आज राहु काल का समय 07:33 AM – 09:13 AM है. आज चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा.

आज का भगवद् चिन्तन

प्रकृति सब याद रखती है

जो मनुष्य दूसरों का भला करके भूल जाते हैं उनका हिसाब प्रकृति स्वयं याद रखा करती है लेकिन जो मनुष्य आदतन अपने पुण्यों का बहीखाता लिए फिरते हैं इस प्रकृति द्वारा फिर उनके पुण्य कर्मों को विस्मृत कर दिया जाता है।अपने पुण्यों के स्वयं ज्यादा बखान करने से भी पुण्यों का फल नष्ट हो जाता है।

इस जीवन में जो भी पुण्य कर्म तुम्हारे द्वारा संपन्न किये जाते हैं, सत्य समझ लेना यह प्रकृति निश्चित ही उन्हें संचित कर देती है और आवश्यकता पड़ने पर तुम्हारी विस्मृति के बावजूद भी उनका यथा योग्य फल अवश्य ही दे दिया करती है।

याद रखना मनुष्य केवल कर्मों का खाता रख सकता है मगर उसका परिणाम घोषित नहीं कर सकता क्योंकि वह अधिकार तो केवल और केवल इस प्रकृति के पास ही सुरक्षित है। भला करो और भूल जाओ उचित समय आने पर प्रकृति आपको स्वयं पुरस्कृत कर देगी।