आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आश्विन.|आज है महा नवमी.
मां दुर्गा के नौ दिनों चलने वाले पर्व को कन्या पूजन के साथ समाप्त किया जाता है। कन्या पूजन का नवरात्रि में बहुत ही महत्व माना गया है। कुछ लोग आज नवमी तिथि और कुछ कल नवमी तिथि में कन्या पूजन करेंगे।
महाष्टमी और नवमी पर देवी का रूप मानकर कन्याओं की पूजा की जाती है। माना जाता है की कन्याओं की पूजा के साथ भोजन करवाने से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं। इससे भक्तों को सुख समृद्धि का वरदान मिलता है। नौ कन्याओं को नौ देवियों का रूप मानकर पूजने के बाद ही नवरात्र व्रत पूरा माना जाता है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर हवन और देवी की महा पूजा की परंपरा है।
महाष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन के कुछ नियम श्रीमद् देवीभागवत में बताए गए हैं। जिसके मुताबिक एक साल की कन्या को नहीं बुलाना चाहिए, क्योंकि वह कन्या गंध भोग आदि चीजों के स्वाद से बिल्कुल अनजान रहती हैं इसलिए 2 से 10 साल तक की कन्याओं की पूजा की जा सकती है।