आज का पंचांग: नर से नारायण की यात्रा

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

कैलेंडर

तिथिनक्षत्र
षष्ठी 06:21 PM तक 🌖10:21 AM से 🌟
सप्तमी 🌖पूर्वाषाढ़ा 🌟
योगकरण
शिवा 12:53 AM तक , अप्रैल 20 🧘‍♂️गैराज 05:48 AM तक 🪷
सिद्ध 🧘‍♀️वनीजा 06:21 PM तक 🪷
काम करने के दिनभद्र
शनिवारा 🪐विष्टि 🪷
पक्ष
कृष्ण पक्ष 🌑

चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर

विक्रम संवतसंवत्सरशक संवतसंवत्सर
2082 कलायुक्त 🗓️कालायुक्त 03:07 अपराह्न तक , 25 अप्रैल, 2025 🗓️1947 विश्वावसु 🗓️सिद्धार्थी 🗓️
गुजराती संवतचन्द्रमासादायाँ/गेटचन्द्रमासा
2081 नाला 🗓️वैशाख – पूर्णिमांत 🗓️6 🗓️चैत्र – अमंता

आज का विचार

बुद्धिमान इंसान आपका दिमाग खोलता है। सुंदर इंसान आपकी आँखें खोलता है, लेकिन परवाह करने वाला इंसान आपका हृदय खोल देता है.!!

आज का भगवद् चिंतन

नर से नारायण की यात्रा

मनुष्य अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मनुष्य के सिवा अन्य कोई भी प्राणी श्रेष्ठ विचारों द्वारा एक श्रेष्ठ जीवन का निर्माण नहीं कर सकता है। मनुष्य ही एक मात्र ऐसा प्राणी है जिसका व्यक्तित्व निर्माण प्रकृति से ज्यादा उसकी स्वयं की प्रवृत्ति पर निर्भर होता। मनुष्य के अलावा अन्य सभी प्राणी का निर्माण प्रकृति ने जैसा कर दिया, कर दिया। अब उसमें और बेहतर बनने की कोई संभावना बाकी नहीं रह जाती है।

मनुष्य में जीवन के अंतिम क्षणों तक विचार परिवर्तन से जीवन परिवर्तन के द्वार सदा खुले रहते हैं। वह अपने जीवन को अपने अनुसार उत्कृष्ट या निकृष्ट बना सकने में समर्थ होता है। पशु के जीवन में पशु से पशुपतिनाथ बनने की संभावना नहीं होती पर एक मनुष्य के जीवन में श्रेष्ठ विचार, श्रेष्ठ संग और महापुरुषों के आश्रय से नर से नारायण बनने की प्रबल संभावना विद्यमान रहती है।