आज का पंचांग : सरल बनें, सहज बनें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आज का भगवद् चिन्तन
सरल बनें, सहज बनें

यदि आपके जीवन में सरलता एवं विनम्रता नहीं है तो ऐसा जीवन उस पके फल के समान ही है जो दिखने में लाल एवं स्वाद में नीरस होता है। जीवन बहुत कुछ उस शीतल कुएँ के समान है जिसके आगे झुक जाना ही कुछ प्राप्त करने की शर्त भी है। कुएँ के सामने आप चाहे जितनी देर खड़े हो जाएँ पर आपकी प्यास बुझाने में समर्थ होने पर भी झुके बिना वह आपको तृप्त नहीं कर सकता है।

जीवन के पास भी देने को बहुत कुछ है पर शर्त यही है, कि बिना झुके, सरलता एवं विनम्रता के अभाव में आपके हाथ कुछ श्रेष्ठ की प्राप्ति से वंचित ही रह जायेंगे। झुककर चलना जीवन पथ में श्रेष्ठ लक्ष्य की प्राप्ति की अनिवार्यता है। जीवन जितना सहज रहेगा उतना ही सुंदर भी बन पायेगा। भीतर की सरलता एवं सहजतापूर्ण जीवन ईश्वर के अनुग्रह का अधिकारी भी बन जाता है। सरल बनें, सहज बनें क्योंकि परमात्मा आपके प्रभाव पर नहीं, स्वभाव पर रीझता है।

आज का विचार

गुस्सा और अहंकार जीवन में क्रेडिट कार्ड की तरह होता है। अभी जितना उपयोग करोगे बाद में उतना ही भुगतान ब्याज के साथ करना पड़ेगा.!

श्री सालासर बालाजी मंदिर

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय06:23 ए एमसूर्यास्त06:50 पी एम
चन्द्रोदय06:22 पी एमचन्द्रास्त06:09 ए एम, अप्रैल 02
पञ्चाङ्ग
तिथिचतुर्दशी – 07:06 ए एम तकनक्षत्रउत्तराफाल्गुनी – 04:17 पी एम तक
पूर्णिमाहस्त
योगवृद्धि – 02:51 पी एम तककरणवणिज – 07:06 ए एम तक
ध्रुवविष्टि – 07:20 पी एम तक
वारबुधवारबव
पक्षशुक्ल पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासचैत्र – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते18चैत्र – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिकन्यानक्षत्र पदउत्तराफाल्गुनी – 10:01 ए एम तक
सूर्य राशिमीनउत्तराफाल्गुनी – 04:17 पी एम तक
सूर्य नक्षत्ररेवतीहस्त – 10:35 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदरेवतीहस्त – 04:55 ए एम, अप्रैल 02 तक
  हस्त
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान12 घण्टे 26 मिनट्स 40 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान11 घण्टे 32 मिनट्स 12 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:36 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:50 ए एम से 05:37 ए एमप्रातः सन्ध्या05:13 ए एम से 06:23 ए एम
अभिजित मुहूर्तकोई नहींविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:30 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:48 पी एम से 07:11 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:50 पी एम से 07:59 पी एम
अमृत काल08:48 ए एम से 10:28 ए एमनिशिता मुहूर्त12:13 ए एम, अप्रैल 02 से 12:59 ए एम, अप्रैल 02
सर्वार्थ सिद्धि योग04:17 पी एम से 06:22 ए एम, अप्रैल 02रवि योग06:23 ए एम से 04:17 पी एम

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