आज का पंचांग : प्रभु से भी सम्बंध जोडें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

शक संवत 1948, आषाढ़ कृष्ण, चतुर्थी, शुक्रवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 03 जुलाई सन् 2026 ई॰. सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक. तृतीया तिथि दोपहर 11 बजकर 20 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ.

आज का विचार

अपनी जिंदगी के किसी भी दिन को कोसना नहीं, क्योंकि अच्छा दिन खुशियाँ लाता है, और बुरा दिन अनुभव। एक सफल जिंदगी के लिए दोनों जरूरी है.!

आज का भगवद् चिन्तन
प्रभु से भी सम्बंध जोडें

इस मानव जीवन में प्रभु से भी कोई न कोई सम्बंध अवश्य स्थापित होना ही चाहिए। प्रभु तो बड़े दयालु एवं कृपालु हैं। जीव किसी भी भाव से एक बार उनकी शरण में आ जाए फिर उसके कल्याण में कोई संशय नहीं रह जाता है। जिस प्रकार गंगा जी में मिलते ही सामान्य जल भी गंगा जैसा पवित्र हो जाता है, ठीक इसी प्रकार जीव तभी तक अपवित्र है, जब तक वह ठाकुर जी से सम्बंध नहीं रखता है। ठाकुर जी से सम्बंध होते ही वो भी भगवद् स्वरूप ही हो जाता है।

शास्त्रों और महापुरुषों का मत है कि वैर से, द्वेष से, भय से, किसी कामना से अथवा प्रेम से किसी भी भाव से हमारा चित्त बस कैसे भी प्रभु में लग जाए। एक बार उनसे सम्बंध बन जाये तो फिर कल्याण होने में देर नहीं लगती। ठाकुर जी से कुछ न कुछ सम्बंध अवश्य बनाओ। अर्जुन की तरह मित्र नहीं बना सकते हो तो दुर्योधन की तरह शत्रु भी बना लोगे तो भी कल्याण निश्चित है।