पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
सफलता में खुशी का भाव बढ़ाने के लिए सेवा करिए
जब हमें सफलता प्राप्त होती है तो जो मिलता है, वो तो अपनी जगह है, पर बहुत कुछ दांव पर भी लग जाता है। सफलता के दांव पर असफलता ही नहीं लगती, कभी-कभी रिश्ते भी दांव पर लग जाते हैं। सफलता के प्राण खुशी हैं।
हमें सफलता मिले और खुशी न मिले तो समझें गड़बड़ है। सफलता निष्प्राण भी हो जाती है। सारी दुनिया तारीफ करे, पर आपको मालूम है कि आपको खुशी नहीं मिली। कुछ है, जो आपने खो दिया। सबसे बड़ी कीमत रिश्तों की होती है।
कई बार आप देखते हैं कि दुनिया तो जय-जयकार कर रही है, पर रिश्ते दांव पर लग गए। और रिश्ते भोजन की तरह होते हैं। ये कोई जंक फूड जैसे नहीं हैं। ये उस भोजन की तरह हैं, जिसमें न्यूट्रिशन जमकर भरे हैं। ये वैसा भोजन भी नहीं कि जिसमें केवल स्वाद मिले।
रिश्ते उस तरह का भोजन हैं, जिसमें स्वास्थ्य भी मिलता है। इसलिए जब आप सफलता की यात्रा पर हों तो लगातार प्रयास करें कि रिश्तों को मान दें। और सफलता में खुशी का भाव बढ़ाने के लिए सेवा का काम करिए। तो रिश्ते और सेवाभाव, ये दोनों सफलता को निष्प्राण दोने से बत्ताएंगे।
आज का पंचांग
आज आश्विन कृष्ण पक्ष नवमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, भाद्रपद |
आज नवमी तिथि 01:31 AM तक उपरांत दशमी | नक्षत्र म्रृगशीर्षा 07:31 AM तक उपरांत आद्रा | व्यातीपात योग 02:34 AM तक, उसके बाद वरीयान योग | करण तैतिल 02:16 PM तक, बाद गर 01:31 AM तक, बाद वणिज | आज राहु काल का समय 07:48 AM – 09:19 AM है | आज चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा |
- विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
- शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत – आश्विन
- अमांत – भाद्रपद
तिथि
- कृष्ण पक्ष नवमी – Sep 15 03:06 AM – Sep 16 01:31 AM
- कृष्ण पक्ष दशमी – Sep 16 01:31 AM – Sep 17 12:22 AM
नक्षत्र
- म्रृगशीर्षा – Sep 14 08:41 AM – Sep 15 07:31 AM
- आद्रा – Sep 15 07:31 AM – Sep 16 06:46 AM