पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष षष्ठी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, मार्गशीर्ष | आज है षष्टी|
आज षष्ठी तिथि 12:02 AM तक उपरांत सप्तमी | नक्षत्र श्रवण 01:32 AM तक उपरांत धनिष्ठा | वृद्धि योग 12:42 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग | करण कौलव 11:34 AM तक, बाद तैतिल 12:02 AM तक, बाद गर | आज राहु काल का समय 12:14 PM – 01:34 PM है | आज चन्द्रमा मकर राशि पर संचार करेगा |
आज का विचार
बड़ाई बड़ी मीठी है, उसकी चाहत कम नहीं होती, सच्चाई बड़ी कड़वी है। सबको हजम नहीं होती। कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए। मै सही तुम गलत के खेल में न जाने कितने रिश्ते ढह गए.
आज का भगवद् चिन्तन
बाँटना भी सीखें
केवल विचार ही नहीं अपितु हमारे कार्य भी श्रेष्ठ होने चाहिए। अच्छे विचारों का आचरण में उतरना भी अति आवश्यक है क्योंकि श्रेष्ठ आचरण ही व्यक्ति को महान बनाता है। विचारात्मक प्रवृत्ति रचनात्मक अवश्य होनी चाहिए। शुभ एवं श्रेष्ठ कार्य केवल विचारों तक ही सिमट कर नहीं रह जाने चाहिए अपितु कार्य रूप में भी परिणित होने चाहिए। जिस दिन शुभ विचार सृजन का रूप ले लेता है, उस दिन परमात्मा का आशीर्वाद भी स्वतः प्राप्त हो जाता है।
जीवन में कुछ ऐसे भी संकल्प लें कि जीवन सदाचारी बनकर समाज की उन्नति में सहयोगी बन सके। समाज ने हमें बहुत कुछ दिया अब हमारा संकल्प भी समाज को कुछ देने का होना चाहिए। केवल लेने के लिए नहीं अपितु समाज को देने के लिए जीने की भावना भी साधना का ही एक रूप है। इस बात का भी सदैव स्मरण रखना चाहिए कि जीवन अस्थायी है, इसलिए सर्व हित में जीवन के प्रत्येक क्षण का सदुपयोग किया जाये। यहाँ कितना इकट्ठा किया वो नहीं अपितु कितना बाँटा, वो महत्व रखता है।