पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है
माघ कृष्ण पक्ष द्वितीया, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, पौष |
आज द्वितीया तिथि 09:56 AM तक उपरांत तृतीया | नक्षत्र पुष्य 01:24 PM तक उपरांत आश्लेषा | विष्कुम्भ योग 10:46 PM तक, उसके बाद प्रीति योग | करण गर 09:57 AM तक, बाद वणिज 08:54 PM तक, बाद विष्टि | आज राहु काल का समय 08:33 AM – 09:52 AM है | आज चन्द्रमा कर्क राशि पर संचार करेगा |
आज का भगवद् चिंतन
अच्छा कहें, अच्छा करें
हमारे शब्द ही प्रभावी नहीं होने चाहिए अपितु हमारे कर्म भी प्रभावी होने चाहिए। बिना पुरुषार्थ के हमारे महान से महान संकल्प भी केवल रेत के विशाल महल का निर्माण करने जैसे हो जाते हैं। हमारे पास संकल्प रूपी मजबूत आधारशिला तो होनी ही चाहिए लेकिन पुरुषार्थ रूपी मजबूत पिलर भी होने चाहिए, जिस पर सफलता रुपी गगनचुम्बी महल का निर्माण संभव हो सके। वाणी के बजाय कार्य से दिए गए उदाहरण कई ज्यादा प्रभावी होते हैं।
कोरा उपदेश भी तब तक कोई काम नहीं आता है, जब तक उसे चरितार्थ न किया जाए। प्रत्येक सफल आदमियों में एक बात की समानता मिलती है, कि उन्होंने केवल वाणी से नहीं अपितु अपने कार्यों से भी उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। महत्वपूर्ण ये नहीं कि आप अच्छा कह रहे हैं अपितु ये है कि आप अच्छा कर रहे हैं। इसलिए केवल अच्छा कहना नहीं अपितु अच्छा करना भी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।