पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, माघ | आज है कुंभ संक्रांति|
आज एकादशी तिथि 02:26 PM तक उपरांत द्वादशी | नक्षत्र मूल 04:12 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा | वज्र योग 03:23 AM तक, उसके बाद सिद्धि योग | करण बालव 02:26 PM तक, बाद कौलव 03:18 AM तक, बाद तैतिल | आज राहु काल का समय 11:16 AM – 12:41 PM है | आज चन्द्रमा धनु राशि पर संचार करेगा |
अपने काम को पूरा समय दीजिए। डूबकर करिए हर काम। लेकिन जीवन को भी नपा-तुला समय जरूर दीजिए। हम अपने काम में इतने डूब जाते हैं कि भूल ही जाते हैं जीवन भी कुछ है। जीवन हमसे पूरा समय नहीं मांगता, कामकाज की दुनिया मांगती है। अब कम समय देकर आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। 10 से 14 घंटे काम करना सामान्य बात है।
आप इसमें कटौती करते हैं तो हाशिए पर पटक दिए जाएंगे। ऐसे समय जीवन को नपा-तुला समय दें। और खासतौर पर चार वक्त थोड़ा समय दीजिए, पर एकदम तराशा हुआ। सुबह जब उठें, रात को जब सोएं, जब भोजन करें और जब परिवार के साथ हों। बहुत अधिक समय मत दीजिए, पर जितना भी दें, फिर वहीं रहिए।
आपकी एक-एक सांस उस घड़ी, उस काम को समर्पित हो। सुबह उठते समय आप खुद से जुड़ जाएं, भोजन करते समय शांत हो जाएं, सोते समय आत्मा के साथ सोने की तैयारी करें और परिजनों के साथ बैठें तो वैकुंठ की कल्पना करें। फिर देखें, कारोबार में दिया गया समय भरपूर लौटेगा।