सिडकुल में निर्माण कार्यों में हुए घपले की जांच में विलंब पर डीआईजी ने नाराजगी जताई

देहरादून:  राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (सिडकुल) में निर्माण कार्यों में हुए घपले की जांच में विलंब होने पर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआइजी) गढ़वाल परिक्षेत्र नीरू गर्ग ने नाराजगी जताई है।

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डीआइजी ने सभी जिलों में जांच पूरी करने के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी है। तय की गई अवधि में जांच पूरी नहीं होने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मंगलवार को डीआइजी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से घपलेबाजी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) के अधिकारियों संग बैठक कर जांच की प्रगति की समीक्षा ली।

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बैठक में डीआइजी ने सिडकुल की सभी 224 जांच पत्रावलियों की समीक्षा की। कई जिलों में जांच बहुत धीमी पाई गई। इसपर डीआइजी ने उत्तरकाशी व अल्मोड़ा को 31 जनवरी, पौड़ी व टिहरी को 15 फरवरी, देहरादून व हरिद्वार को 15 मार्च और ऊधमसिंह नगर को 30 जून तक हर हाल में जांच पूरी करने का निर्देश दिया।

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वर्ष 2012 से 2017 के बीच सिडकुल ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में निर्माण कार्य कराए थे। इन निर्माण कार्यों के ठेके नियमों को ताक पर रखकर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) को दिए गए। यूपीआरएनएन का ऑडिट कराए जाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग, वेतन निर्धारण व विभिन्न पदों पर भर्ती में गड़बड़ियां सामने आईं। शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) गढ़वाल परिक्षेत्र की अध्यक्षता में एसआइटी का गठन किया।