क्या है टोल संग्रहण का फॉर्मूला: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में दी जानकारी

हिमशिखर खबर ब्यूरो

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में टोल संग्रहण का फॉर्मूला की जानकारी दी। बताया कि सार्वजनिक वित्त पोषित शुल्क प्लाजा (ईपीसी/एचएएम/बीओटी-वार्षिकी) के लिए उपयोगकर्ता शुल्क दरों की गणना राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रहण का निर्धारण) नियम, 2008 और उस दशा में लागू बीओटी (टोल) शुल्क प्लाज़ा के लिए शुल्क नियमों और रियायत समझौते के प्रावधान के अनुसार की जाती है।

राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रहण का निर्धारण) नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार, चार या अधिक लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग के एक खंड के उपयोग के लिए एक साल के लिए शुल्क की दर ऐसे खंड की लंबाई और आधार दरों का उत्पाद होगी। वर्ष 2007-08 के लिए प्रति किमी शुल्क की आधार दर (रुपये में) इस प्रकार है:-

वाहन का प्रकार शुल्क की आधार दर प्रति किमी (रुपये में)
कार, ​​जीप, वैन या हल्के मोटर वाहन 0.65
हल्के वाणिज्यिक वाहन, हल्के माल वाहक या मिनी बस 1.05
बस या ट्रक (दो धुरी वाले) 2.20
तीन- धुरी वाले वाणिज्यिक वाहन 2.40
भारी निर्माण मशीनरी (एचसीएम) या अर्थ मूविंग इक्विपमेंट (ईएमई) या बहु धुरीय वाहन (एमएवी) (चार से छह धुरी वाले) 3.45
बड़े आकार के वाहन (सात या अधिक धुरी वाले) 4.20

ये उपयोगकर्ता प्रति किमी शुल्क दरें मौजूदा शुल्क नियमों के अनुसार हर साल अप्रैल के 1 दिन से संशोधित की जाती हैं।

एक्सप्रेसवे के उपयोग के लिए शुल्क की दर, चार या अधिक लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग के एक खंड के उपयोग के लिए वसूले जाने वाले शुल्क की दर से 1.25 गुना होगी।

पेव्ड शोल्डर्स सहित दो-लेन और उससे अधिक, लेकिन चार लेन से कम वाला ऐसा राष्ट्रीय राजमार्ग,  जिसमें कैरिजवे को तीन मीटर या उससे अधिक चौड़ा करके पर्याप्त सुधार किया गया है, राष्ट्रीय राजमार्ग के चार या अधिक लेन के खंड के उपयोग का शुल्क साठ प्रतिशत होगा।

एनएच शुल्क नियम-2008 के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों के उपयोग के लिए उपयोगकर्ता शुल्क दरों की गणना करते समय निम्नलिखित को भी ध्यान में रखा जाता है।

(i) आधार वर्ष 2007-08 के लिए दस करोड़ रुपये या उससे अधिक की लागत से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग के एक खंड के हिस्से में बनने वाले बाईपास पर ऊपर निर्दिष्ट शुल्क की दर से डेढ़ गुना शुल्क लगेगा।

(ii) लिनीअर हाइवे/एक्सप्रेसवे का हिस्सा बनने वाली 60 मीटर से अधिक लंबाई वाली संरचना के उपयोग के लिए शुल्क की दर की गणना संरचना की लंबाई को दस के कारक से गुणा करके राजमार्ग के बराबर में परिवर्तित करके की जाएगी।

मौजूदा नियमों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर सार्वजनिक वाहकों को कोई छूट नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रहण का निर्धारण) नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों के परिवहन और उनके साथ आने वाले यांत्रिक/सुरक्षा वाहनों और आधिकारिक प्रयोजन के लिए कुछ अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों को छूट दी गई है।

एनएचएआई ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल (फास्टैग) संग्रहण कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक अध्ययन किया है। अध्ययन रिपोर्ट ने फास्टैग की शुरुआत के बाद बेहतर परिचालन दक्षता, ईंधन की बचत, थ्रूपुट वृद्धि, राजस्व वृद्धि के साथ-साथ कई अमूर्त लाभों के बारे में जानकारी प्रदान की है।

सार्वजनिक वित्त पोषित शुल्क प्लाजा (ईपीसी/एचएएम/बीओटी (वार्षिकी) के संबंध में उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह, अनुबंध में सहमत शर्तों के अनुसार, एजेंसी द्वारा टोल खाते में जमा किया जाता है जिसे भारत के समेकित निधि में अंतरित किया जाता है। बीओटी/ओएमटी/टीओटी रियायतग्राही शुल्क प्लाजा के मामले में उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण रियायतग्राही द्वारा बरकरार रखा जाता है।