भाई कमलानंद पहुंचे राजनांदगांव, 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ करेंगे चिंतन

भाई कमलानंद

Uttarakhand

पूर्व सचिव, भारत सरकार


कहते हैं मन बूढ़ा नहीं हुआ तो उम्र का बुढापा क्या मायने रखता है। ऐसी ही मिसाल के साथ 75 साल से ज्यादा उम्र वाले लोग अपने-अपने क्षेत्र में समाज के लिए कुछ न कुछ कर सकते है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राजनांद गाव में पीपुल्स प्लानिंग के तहत आज 11 मार्च सोमवार को सुबह 11 75 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों के साथ मीटिंग हो रही है। इसके जरिए हम अपने अंदर की शक्तियों को पहचानने की कोशिश करेंगे। इस संसार में कुछ भी बेकार नही है।

Uttarakhand Uttarakhand

अमंत्रम् अक्षर नास्ति, नास्ति मूलमनौषधम् । अयोग्य पुरुषो नास्ति, योजकस्तत्र दुर्लभ ।। यानी ऐसा कोई अक्षर नहीं है, जिसमे मन्त्र ना हो, ऐसा कोई पौधा नहीं है, जिसमे औषधि ना हो। तथा ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जिसमें कोई भी गुण नहीं हो।

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand

हमें चिंतन करना होगा कि क्या हमारा वार्ड समग्रवादी विकास के मापदंडों पर खरा उतरता है। क्या हमारे वार्ड में अपना पानी, अपनी बिजली, अपना खेल मैदान, देशी गाय और जैविक खेती हो रही है। हमारे आस-पास क्या-क्या खाली पड़ा है, जिसमें कुछ किया जा सकता है।
अंत में पीपुल्स प्लानिंग सभ्य समाज के लिए जरूरी है। गांव में प्रशासन का रोल कम होते हुए लोकल लोगों की भागीदारी बढ़नी चाहिए। कम खर्चे में पर्यावरणपूरक धंधे, बिजनेस प्लान, स्वदेशी बढ़ना चाहिए। स्वदेशी को बढ़ाना पड़ेगा और विदेशी के प्रति आकर्षकता छोड़नी पड़ेगी। विकासदंड के मापदंड में समाज के हर वर्ग के लोग कैसे लोकल नेतृत्व के साथ नर्सरियों, जैविक में, स्वावलबन को बढ़ाने में कैसे अपना योगदान दे सकते हैं। राजनांद गाव की भूमि में उमंग और उत्साह है। यहां अलग-अलग सोच के लोग हैं। कल जनपद के कलेक्टर ने बताया कि यंहा पर बहुत अच्छे काम हुए हैं। उसमे जैन जी, प्रधानों का रोल भी है। यहां पर महिला लखपति बनाने का प्लान किया जा रहा है। राष्ट्रपति पुरुस्कार विजेता प्रदीप गांधी जी अच्छा काम कर रहे हैं और उन्होंने शानदार टीम बनाई है। राजनांद गांव में आज जामवंत मिशन की भी लॉचिंग की जा रही है। कई क्षेत्रों में गल्तियां हो रही हैं, उनको सुधारकर आगे बढ़ना होगा। बहुत बहुत शुभकामनाएं, प्रणाम।