मुंबई : गौ संसद प्रदेश प्रभारियों की बैठक सम्पन्न हुई. जिसमें गौहत्या बन्दी, गौ मतदाता अभियान एवं गौमाता राष्ट्र माता बनाने सहित कई बिन्दुओं पर विचार रखे गए.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में गौ संसद प्रदेश प्रभारियों की बैठक में गौ संरक्षण पर व्यापक विचार हुआ. इसमें गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के संकल्प को आगे बढ़ाया गया. गौ सांसदों को गौ सेवा कार्यों को बढ़ावा देने और लोगों को गौमतदाता अभियान से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई.
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक प्रदेश के प्रभारी प्रदेश लोकसभाओं अन्दर गौविधायकों की नियुक्ति करेगें. यह नियुक्तियां चैत्र प्रतिपदा से एक वर्ष के लिए रहेगीं एवं इनका आंकलन कर अग्रिम नियुक्तियां दी जाएगीं. गौविधायक अपने परिसीमा के अन्तर्गत 1008 व्यक्तियों की श्रृंखला तैयार कर गौमतदाता बनाने का कार्य करेगें. गौविधायकों को अपनी विधान सभा मे एक आदर्श रामगौधाम की स्थापना का लक्ष्य भी दिया गया है जिसमे प्रदेश की मूल देशी गायों को रखा जाना तय हुआ है. बिहार चुनाव मे गौविधायकों को प्रतिभाग करने के लिए शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वति महाराज जी 33 दिनों की बिहार मे “गौमतदाता संकल्प यात्रा ” करेगें, जिसका शुभारंभ बिहार के सीतामणि से किया जाना तय हुआ है.
टिहरी गौसांसद और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी अनुसूया प्रसाद उनियाल ने बताया कि गौ माता को राज्य माता और केन्द्र स्तर पर राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा. कहा कि गाय को राष्ट्र माता घोषित किया जाए. उन्होंने देश में गौ हत्या बंद किए जाने की भी मांग की. हम भारत भुमि से गौहत्या के कलंक को मिटाकर दम लेगें। भारत में सनातन के मान बिन्दुओं की स्थापना की जाएगी.