आज का पंचांग : परिवर्तन का स्वागत करें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज का विचार

संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत सिद्धार्थ 1947, माघ | आज है षष्टी|

आज षष्ठी तिथि 12:40 AM तक उपरांत सप्तमी | नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 02:15 PM तक उपरांत रेवती | शिव योग 02:01 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग | करण कौलव 01:16 PM तक, बाद तैतिल 12:40 AM तक, बाद गर | आज राहु काल का समय 09:56 AM – 11:17 AM है | आज चन्द्रमा मीन राशि पर संचार करेगा |

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न्याययुक्त व्यवहार करना, सौंदर्य से प्रेम करना तथा सत्य की भावना को ह्रदय में धारण करके विनयशील बने रहना ही सबसे बड़ा धर्म है.!

आज का भगवद् चिंत
परिवर्तन का स्वागत करें

प्रकृति का शाश्वत नियम है, कि यहाँ जब तक पुराना नहीं जायेगा तब तक कुछ नये की प्राप्ति के द्वार भी बंद रहेंगे। वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता है, कि उसने कितने फूल, फल और पत्ते खो दिये। वह सदैव नयें फूल, फल और पत्तों के सृजन के प्रति आशावान रहता है। नदियां भी कभी इस बात का शोक नहीं करती हैं, कि प्रतिपल कितना जल प्रवाहित हो गया। वो सदैव उसी वेग में लोक मंगल हेतु प्रवाहमान बनी रहती हैं।

अर्जन और विसर्जन ये जीवन के दो पहलू हैं। विसर्जन होगा तो अर्जन स्वतः हो जायेगा। वृक्षों एवं नदियों को भी पता होता है, कि हम जितना देंगे, उतना ही हमें प्रकृति द्वारा और अधिक दे दिया जायेगा। जीवन में जब तक पुराना नहीं जाता है तब तक कुछ नये आने की संभावनाएं भी शून्य ही रहती हैं। यदि जीवन से कुछ जा रहा है तो चिंता मत करो अपितु ये दृष्टि रखो कि वो ईश्वर अवश्य हमें कुछ नया व बेहतर देने की तैयारी कर रहा है।

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