पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
बच्चों की स्कूलों की छुट्टियां लग चुकी हैं या लग रही हैं। अधिकांश पैरेंट्स बच्चों को लेकर यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। ऋषि-मुनि भी अवकाश अर्जित करते थे। छुट्टियां मनाने का उनका अपना ढंग था, क्योंकि गुरुकुल व्यवस्था थी। जब आप अवकाश का मन बनाएं तो सबसे पहले समय-सीमा तय करें। सहयोगी कौन रहेंगे? क्षेत्र बदले तो सावधानी रखिए। पुराना स्थान छोड़ा है तो वहां से संपर्क कितने समय रखना है, इसमें सचेत रहें। और सबसे बड़ी बात, सकुशल लौटें।
अवकाश का सदुपयोग कैसे हो, इस पर रामचरितमानस में एक पंक्ति आई है। राम जी, सीता जी और लक्ष्मण वन के समय एकांत में अवकाश ही मना रहे थे। तो पंक्ति है- एहि बिधि गए कछुक दिन बीती, कहत बिराग ज्ञान गुन नीति। कुछ दिन ऐसे बीते कि उन्होंने एक-दूसरे से वैराग्य, ज्ञान, गुण और नीति पर चर्चा की। अवकाश मनाएं, पर ये चार बातें इस दौरान होती रहें तो मानसिक स्वास्थ्य के साथ जाएंगे, शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मनाएंगे और दोनों के साथ ही लौटेंगे।
बालाजी मंदिर
आज का पंचांग
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय
05:36 ए एम
सूर्यास्त
07:25 पी एम
चन्द्रोदय
10:53 पी एम
चन्द्रास्त
08:31 ए एम
पञ्चाङ्ग
तिथि
चतुर्थी – 11:30 पी एम तक
नक्षत्र
उत्तराषाढा – 03:41 ए एम, जून 05 तक
पञ्चमी
श्रवण
योग
शुक्ल – 09:03 ए एम तक
करण
बव – 10:27 ए एम तक
ब्रह्म
बालव – 11:30 पी एम तक
वार
गुरुवार
कौलव
पक्ष
कृष्ण पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल