जोशीमठ के श्री नृसिंह मंदिर में विराजमान हुई आदिगुरू शंकराचार्य जी की गद्दी

हिमशिखर खबर ब्यूरो

Uttarakhand

जोशीमठ: भगवान बदरीविशाल की शीतकालीन पूजा देवर्षि नारद को सौंपकर मंदिर के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरप्रसाद नम्बूदरी के सान्निध्य में शंकराचार्य जी की गद्दी परंपरानुसार ज्योतिर्मठ पहुँची। शीतकाल में भक्तगण ज्योतिर्मठ आकर नृसिंह भगवान के दर्शन कर भगवान बदरीविशाल के पूजा का फल प्राप्त करेंगे।

नृसिंह मंदिर पहुंचने पर परम्परानुसार गणेश, अम्बिका, सप्तघृतमातृका, नवग्रह, मंगलवाचन कर लक्ष्मी-नरसिंह देव की पूजा आरती धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल द्वारा सम्पन्न कराई गई।

Uttarakhand Uttarakhand

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand

इस अवसर पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ महाराज के प्रतिनिधि मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी, बदरीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मन्दिर समिति के सदस्य भास्कर डिमरी, वेदपाठी रवीन्द्र भट्ट, सौरभ कोठियाल, प्रशासन राजेन्द्र चौहान, ज्योतिर्मठ पुरोहित आनन्द सती, देवपुजाई समिति के अध्यक्ष भगवतीप्रसाद नम्बूरी, पवन डिमरी, ज्योतिर्मठ पुजारी शिवानन्द उनियाल, कृष्णमणि थपलियाल, लक्ष्मण सिंह फरकिया, नितेश चौहान, गौरव नम्बूरी, दिनेश सती आदि उपस्थित रहे ।