आज का पंचांग : प्रकृति का पुरस्कार

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज का विचार

प्रकृति की बड़ी गहन रचना है, जो मिल जाए उसमे आकर्षण खत्म हो जाता है, और जो न मिले तो आकर्षण बना रहता है.!

आषाढ़ कृष्ण पक्ष सप्तमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, ज्येष्ठ. आज है कालाष्टमी.

आज सप्तमी तिथि 01:25 PM तक उपरांत अष्टमी | नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 04:24 PM तक उपरांत रेवती | शोभन योग 02:30 PM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग | करण बव 01:25 PM तक, बाद बालव 12:58 AM तक, बाद कौलव. आज राहु काल का समय 03:52 PM – 05:32 PM है. आज चन्द्रमा मीन राशि पर संचार करेगा.

आज का भगवद् चिंतन

प्रकृति का पुरस्कार

जिस प्रकार वृक्षारोपण करने से आपको शीतल छाया स्वतः प्राप्त हो जाती है, उसी प्रकार शुभ कार्य करने से समय आने पर सुख की प्राप्ति भी स्वतः हो जाती है। आपके द्वारा संपन्न ऐसा कोई शुभ और सद्कार्य नहीं जिसके परिणामस्वरूप प्रकृति द्वारा आपको उचित पुरस्कार देकर सम्मानित न किया जाए। कुँआ खोदा जाता है तो फिर आपकी प्यास बुझाने के लिए शीतल जल की प्राप्ति भी स्वतः हो जाती है।

जब-जब आपके द्वारा किसी और की भलाई के लिए निस्वार्थ भाव से कोई कार्य किया जाता है, तब-तब आपके द्वारा वास्तव में अपनी भलाई की ही आधारशिला रखी जा रही होती है। आज आप किसी जरूरतमंद के लिए सहायक बनोगे तो आवश्यकता पड़ने पर कल आपकी सहायता और सहयोग के लिए भी कई हाथ खड़े होंगे। सबकी प्रसन्नता के लिए जीने का भाव ही परमात्मा को प्रसन्न करने का मूलमंत्र भी है।