पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
आषाढ़ कृष्ण पक्ष षष्ठी, रोद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, ज्येष्ठ.
आज षष्ठी तिथि 01:47 PM तक उपरांत सप्तमी. नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 04:07 PM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा. सौभाग्य योग 03:50 PM तक, उसके बाद शोभन योग. करण वणिज 01:47 PM तक, बाद विष्टि 01:41 AM तक, बाद बव. आज राहु काल का समय 07:30 AM – 09:11 AM है. आज 09:57 AM तक चन्द्रमा कुंभ उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा.
आज का भगवद् चिन्तन
प्रशंसा करना भी सीखें
अच्छी बातें कहीं से भी मिलें उन्हें जीवन में अवश्य धारण करना चाहिए। अच्छे गुण शत्रु में भी दिखते हों तो उनको सराहने का साहस भी अवश्य होना चाहिए। प्रशंसा सुनना जितना आसान होता है, प्रशंसा को पचा पाना उतना ही कठिन हो जाता है। स्वयं की ज्यादा प्रशंसा सुनने से व्यक्ति के भीतर अहम जन्म लेता है तो अधिक सम्मान की प्राप्ति भी जीवन उत्थान के मार्ग में सदैव बाधक होती है।
दूसरों की प्रशंसा करना स्वयं के अहम का नाश करते हुए आपको सहज ही दूसरों के प्रेम और सम्मान का अधिकारी बना देती है। राजा बलि की प्रशंसा करके ही भगवान वामन ने तीन लोक सहज में प्राप्त कर लिए थे। दूसरों के अच्छे गुणों की प्रशंसा करना एवं उन अच्छे गुणों को अपने जीवन में धारण करने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहना ही जीवन उन्नति का मार्ग है।